इंटरनेट के ज़रिए समलैंगिक साहित्य

'क्वीयर इंक' स्थापित करने वाली शोभना कुमार
Image caption 'क्वीयर इंक' स्थापित करने वाली शोभना कुमार

समलैंगिकता से जुड़ा साहित्य उपलब्ध कराने वाला एक ऑनलाइन स्टोर खुल चुका है जिसका नाम है 'क्वीयर इंक'.

ये पहल है शोभना कुमार की जो फ़िजी में पली-बढ़ीं हैं लेकिन भारतीय मूल की हैं. शोभना समलैंगिक आधिकारों के मामले में कई वर्षों से सक्रिय रही हैं.

शोभना क़रीब सात-आठ साल से भारत में रह रही हैं और उन्होंने समलैंगिक समुदाय की परेशानियों और मुद्दों पर काफ़ी काम किया है.

शोभना कहती हैं, "जब मैं भारत आई तो मुझे अहसास हुआ कि कुछ तरह की किताबें और साहित्य दुकानों में आसानी सें नहीं मिलते है. यही शिकायत समलैंगिक समुदाय के कई लोगों को भी थी. क़रीब दो साल पहले मैंने निश्चय किया कि मैं इस क्षेत्र में कुछ करूंगी."

वह कहती हैं. "मैंने लगभग पूरे भारत में समलैंगिक समुदाय के साथ काम किया है और मुझे पता चला कि समलैंगिकता से जुड़े साहित्य और किताबें मुंबई के अलावा और कहीं नहीं मिल पाते. मैं ये पूरे भारत में उपलब्ध कराना चाहती थी इसलिए एक ऑनलाइन स्टोर खोलने की सोची."

शोभना कहती हैं कि उन्होंने एक ऑनलाइन स्टोर खोलने की इसलिए भी सोचा क्योंकि आम दुकानों में समलैंकिग सहजता से जाकर अपने मतलब की किताबें नहीं ले पाते. इस माध्यम के ज़रिए वो बिना किसी हिचक के किताबें ख़रीद सकते हैं.

शोभना कहती हैं कि उन्हें भारत में छपी अंग्रेज़ी किताबें तो आसानी से मिल गई हैं लेकिन वो स्थानीय भाषाओं में भी किताबें उपलब्ध कराने की कोशिश में लगी हैं.

बदलाव

Image caption सेलीना जेटली समलैंकिग अधिकारों के क्षेत्र में काम करती आई हैं

क़रीब एक साल पहले तक भारत में समलैंगिकता को अपराध माना जाता था. लेकिन दिल्ली हाइकोर्ट के एक एतिहासिक फ़ैसले ने इस नियम को बदल दिया.

शोभना कुमार कहती हैं कि इस फ़ैसले ने समलैंगिकों को एक नया आत्मविश्वास दिया और उन्हें अपनी पहचान ढूंढने में मदद की है.

शोभना कुमार कहती हैं, "फ़ैसले की वजह से समाज के हर तबक़े में समलैंगिकता के मुद्दे पर चर्चा शुरु हो गई."

जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री सेलीना जेटली भी शोभना के इस क़दम की सराहना करती हैं. सेलीना समलैंगिक समुदाय के अधिकारों के लिए काम करती आई हैं.

उनका कहना है, "कोई भी ऐसा क़दम जो समलैंगिक समुदाय को साथ लाता है और उन्हें एक आवाज़ देता है, वो सराहनीय है."

'क्वीयर इंक' में समलैंगिकता से जुड़े साहित्य के अलावा स्त्रियों के स्वास्थ्य और बच्चों की किताबें भी मिल सकती हैं.

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