प्रतिबंध हटाने की मांग

अली ज़फ़र
Image caption अली ज़फ़र ने फ़िल्म पर से प्रतिबंध हटाने की मांग की है.

फिल्म ‘तेरे बिन लादेन’ के हैरी और पाकिस्तान के लोकप्रिय गायक अली ज़फर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी से अनुरोध किया है किया है कि वे इस फ़िल्म पर लगे प्रतिबंध के फ़ैसले पर फिर से विचार करें.

उन्होंने गुरुवार को कराची में एक पत्रकार वार्ता में कहा, “इस मुद्दे पर जनता को फ़ैसला करने दिया जए क्योंकि जनता का फ़ैसला कभी भी ग़लत नहीं हो सकता.”

पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने इस फ़िल्म के पाकिस्तान में प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है और कारण ये बताया गया है कि फ़िल्म में पाकिस्तान की ख़ुफिया एजेंसियों को ग़लत ढंग से पेश किया है.

अली ज़फर ने बताया, “मैं सेंसर बोर्ड का सम्मान करता हूं लेकिन इस फ़िल्म को पाकिस्तान दिखाया जाना चाहिए और पाकिस्तानियों को इसे देखने दिया जाना चाहिए. दुनिया में यह धारणा है कि पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है.”

उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे फ़िल्म पर विचार करें और क्योंकि यदि सुरक्षा का कारण दे कर प्रतिबंध लगाया गया है तो क्या मस्जिदों और दूसरी जगहों पर लोगों को जाना छोड़ देना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि भारत, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ कुछ अरब देशों में भी इस फिल्म का प्रदर्शन हो रहा है.

अली ज़फर के अनुसार जब यह फिल्म दुबई और देश के दूसरे शहरों में लगी तो पाकिस्तान और भारतीय गए और इस फिल्म को देखा. इस फिल्म ने एक रात में 20 हज़ार डॉलर का बिज़नेस किया.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों और अन्य देश के मुसलमानों को इस फिल्म पर गर्व है और उन्होंने इसे स्वीकार भी किया है. उन्होंने कहा, “मुझे यह बात समझ नहीं आ रही है कि यहाँ पाकिस्तान में क्या मसला हो सकता है.”

अली ज़फ़र ने कहा कि इस फ़िल्म में युद्ध नहीं बल्कि शांति की बात की जा रही है और ये फ़िल्म उनके शब्दों में ‘95 मिनट का पीस टेप है’.

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