संजय लीला भंसाली के साथ फ़िल्म की तमन्ना

trisha krishnan
Image caption तृषा कृष्णन ने खट्टा मीठा से हिन्दी फ़िल्मों में कदम रखा है

दक्षिण भारतीय फ़िल्म उद्योग से हिंदी फ़िल्मों में हाल ही में क़दम रखने वाली अभिनेत्री तृषा कृष्णन की तमन्ना है कि उन्हे संजय लीला भंसाली के निर्देशन में काम करने का मौक़ा मिले.

तृषा ने प्रियदर्शन निर्देशित फ़िल्म खट्टा-मीठा से हिन्दी फ़िल्मों अपनी पारी की शुरूआत की है. प्रियदर्शन ही वो निर्देशक जिन्होने तृषा की पहली तमिल फ़िल्म निर्देशित की थी और उन्ही के निर्देशन में पहली हिंदी फ़िल्म करने पर भी वो काफ़ी ख़ुश हैं.

बीबीसी से एक विशेष बातचीत में तृषा ने कहा, "हिंदी फ़िल्म उद्योग में संजय लीला भंसाली का फ़िल्म बनाने का अंदाज़ मुझे बहुत पसंद हैं और उनके साथ काम करने की इच्छा है".

केरल में जन्मी तृषा तमिल फ़िल्मों में अच्छा ख़ासा नाम कमा चुकी हैं लेकिन हिंदी फ़िल्मों में उन्होने देर से क़दम रखा है.

तृषा बताती हैं, "ऐसा जान बूझ कर नहीं किया. बस दक्षिण भारतीय फ़िल्मों में व्यस्तता इतनी ज़्यादा थी कि मौका ही नहीं मिला इस तरफ़ ध्यान देने का. फ़िल्में मिली भी तो कभी तारीख़ों की समस्या रही कभी किसी और वजह से चीज़ें सही नहीं बैठी. लेकिन जब प्रियदर्शन ने खट्टा-मीठा की बात की तो सब ठीकठाक होता चला गया".

पहली हिंदी फ़िल्म में काम के अनुभव को तृषा बहुत अच्छा मानती हैं लेकिन हिंदी भाषा पर अधिकार के प्रश्न पर वो कहती हैं, "मुझे हिंदी का ज्ञान तो था लेकिन चूंकि ये मेरी बोल चाल की भाषा नहीं है तो मैं नर्वस तो थी ही. अच्छी बात ये रही कि मुझे बहुत ज़्यादा दिक्क़तों का सामना नहीं करना पड़ा लेकिन अब अगली फ़िल्म साइन करने से पहले मैं अपनी हिंदी को बेहतर करना चाहती हूं".

तृषा लगातार निर्देशकों के संपर्क में हैं और उनकी अगली फ़िल्म भी एक तमिल फ़िल्म का रीमेक होगी,जिसमें वो प्रतीक बब्बर के साथ नज़र आएंगी. फ़िल्म को गौतम मेनन निर्देशित करेंगे जो पहले भी इसे तमिल और तेलुगू में निर्देशित कर चुके हैं.

तृषा कहती हैं कि वो हिंदी फ़िल्मों पर ज़्यादा ध्यान देना चाहती हैं लेकिन वो बहुत सोच समझ कर ही फ़िल्में करेंगी. सिर्फ़ नाम के लिए फ़िल्में करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.

लगातार दूसरी रीमेक फ़िल्म के लिए हामी भरने के सवाल पर तृषा कहती हैं कि, "ये सिर्फ़ एक इत्तेफ़ाक है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है. किसी फ़िल्म का रीमेक बनाया ही तभी जाता है जब वो एक सफल फ़िल्म होती है".

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