गीत के ज़रिये खेलों को बढ़ावा

राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर शेरा
Image caption 3 से 14 अक्टूबर के बीच होंगे राष्ट्रमंडल खेल

इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल भारत का गौरव बड़ा पाएंगे या फिर इन खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित करना सिर्फ एक सपना बन कर रह जायेगा. ये खेल तीन से 14 अक्टूबर के बीच होने हैं.

लेकिन जिन स्टेडियमों में ये खेल होने हैं वो अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हैं. और ऊपर से बारिश भी कहर ढा रही है इन खेलों के विकास पर. लेकिन फिर राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर उत्त्साह में कमी नहीं है.

अपने उत्साह को ज़ाहिर करने में हिंदी सिनेमा जगत भी पीछे नहीं है. संगीत निर्देशक शमीर टंडन ने खासकर इन खेलों के लिए एक गीत बनाया है. इसे वो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक एंथम बता रहे हैं.

शमीर कहते हैं की ये गाना उन्होंने टीवी पर एक खेलों से सम्बंधित कार्यक्रम के लिए बनाया है, लेकिन उनसे कहा गया है की राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति इस गाने को खेलों के दौरान इस्तेमाल करेगी.

इस गाने के पीछे शमीर कहते हैं की बस एक ही मकसद है. और वो ये की भारत में क्रिकेट के अलवा और भी खेलों को बढ़ावा मिले. जनता दुसरे खेलों के बारे में जाने ताकि जब राष्ट्रमंडल खेल हों तो लोग उन्हें अच्छी तरह से समझ पाएँ.

शमीर कहते हैं की खेलों के पीछे जो जज़्बा होता है उसे वो लोगों तक इस गाने के ज़रिये पहुचाना चाहते हैं.

इस गाने को अपनी आवाज़ दी है मशहूर गायक शान ने. शमीर का कहना है की शान भारतीय सभ्यता और पश्च्यात संस्कृति का बेहतरीन मिश्रण हैं.

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