'बरगद की तरह हैं आमिर'

रघुवीरय यादव
Image caption आमिर ख़ान की फ़िल्म 'पीपली लाइव' में रघुवीर यादव

"आमिर ख़ान बरगद के पेड़ की तरह हैं, जिनकी छाया तले हमने काम किया. उन्होंने पूरे यूनिट का ध्यान रखा. लेकिन हमारे काम में किसी तरह का दख़ल नहीं दिया."

ये कहना है फ़िल्म 'पीपली लाइव' में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता रघुवीर यादव का. आमिर ख़ान इस फ़िल्म के निर्माता हैं.

रघुवीर ने बीबीसी से इस फ़िल्म के अलावा अपनी ज़िंदगी और मुंबई फ़िल्म उद्योग के बारे में भी विस्तार से बातचीत की है.

'पीपली लाइव' में रघुवीर ने एक किसान की भूमिका अदा की है. वो कहते हैं, "मैं ख़ुद किसान था. खेतों में काम करता था. गाय-भैंस चराता था. तो मुझे ये किरदार निभाने में बड़ा मज़ा आया."

नाटक कंपनी से शुरुआत

रघुवीर मूलत: मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के रहने वाले हैं. हायर सेकेंड्री पास करने के बाद वो संगीत सीखना चाहते थे, जबकि उनके घरवाले चाहते थे कि वो भी दूसरे नौजवानों की तरह नौकरी कर गुज़र-बसर करें.

बस, फिर क्या था? रघुवीर घर छोड़कर भाग गए.

उन्होंने ललितपुर में एक नाटक कंपनी में काम करना शुरु कर दिया. रघुवीर कहते हैं, "वो दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे मज़ेदार दिन थे. मैंने नाटक कंपनी के साथ अलग-अलग जगहों की सैर की. कई तरह के लोगों से मिला."

छह साल तक इस नाटक कंपनी में जुड़े रहने के बाद रघुवीर ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में दाख़िला ले लिया. उसके बाद वो थिएटर करने दिल्ली आ गए. इसी दौरान रघुवीर को पहली फ़िल्म 'मैसी साब' मिली.

'मैसी साब' के बाद रघुवीर को मीरा नायर की 'सलाम बॉम्बे' में काम करने का मौका मिला. इसके बाद उनके फ़िल्म करियर ने रफ़्तार पकड़ी.

कई शिकायतें हैं

उन्हें कई और फ़िल्में मिलीं और उन्होंने टीवी पर भी काम किया. दूरदर्शन पर दिखाए गए धारावाहिक 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' ने उन्हें ख़ासी लोकप्रियता दिलाई.

रघुवीर को इस वक़्त बनने वाली फ़िल्मों और फ़िल्मकारों से ख़ासी शिकायतें हैं.

वो कहते हैं "सभी फ़िल्में एक सी होती हैं. कोई कुछ अलग नहीं सोचता. लोग सोचते हैं कि ख़ूब पैसा लगाओ, बड़े-बड़े सितारे इकट्ठे कर लो, तो फ़िल्म चल जाएगी. बड़ी-बड़ी फ़िल्में पिट जाती हैं, लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों इन लोगों को अक्ल ही नहीं आती."

रघुवीर को श्याम बेनेगल, श्रीराम राघवन और शेखर कपूर के निर्देशन में काम करना पसंद है. वो खाली समय में बांसुरी और मेंडोलिन बजाना पसंद करते हैं.

हाल ही में उनका निजी जीवन काफ़ी तनाव से गुजरा. अपनी पहली पत्नी के साथ उनका विवाद हुआ. रघुवीर कहते हैं कि उस तनाव के वक्त संगीत ने ही उन्हें उबरने में मदद दी. अपने अब तक के करियर के बारे में रघुवीर कहते हैं "मुझे लगता है कि मैंने अब तक बहुत कुछ नहीं किया है. काफ़ी कुछ करना बाक़ी है."

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