कैलाश खेर का 'सिटीज़ंस ऑफ़ द वर्ल्ड'

कैलाश खेर
Image caption कैलाश ने दुनिया भर के कुछ चुनिंदा गायकों के साथ 'सिटीज़ंस ऑफ़ द वर्ल्ड' गाया

कैलाश ख़ेर की लोकप्रियता भारत ही नहीं दूसरे देशों में भी फैल रही है. इसका ताज़ा सबूत ये है कि उन्हें दुनिया भर के कुछ चुनिंदा गायकों के साथ गाना गाने का मौक़ा मिला.

गाने का शीर्षक है 'सिटीज़ंस ऑफ़ द वर्ल्ड' जिसे कैलाश ने अल्जीरिया के ख़ालिद, नाइजीरिया के किंग सनी अडे, अमरीकी बैंड फ़्लाइंग मशीन और चीन की लोकप्रिय गायिका चेंग लिन के साथ मिलकर गाया है.

इस गाने का वीडियो भी बनाया गया जिसमें इन पांचो गायकों को हॉलीवुड की मशहूर कैपिटल रिकॉर्ड बिल्डिंग की छत पर गाते दिखाया गया है.

बीबीसी के साथ एक ख़ास मुलाकात में कैलाश ने बताया," पूरे अमरीका में इस गाने की बातें हो रही हैं. लोगों में इसे लेकर बहुत जुनून है. मेरा भी यहां पर काफ़ी ज़िक्र हो रहा है. मैं बहुत खुश हूं."

इस गाने के बोल अरबी, फ्रेंच, चीनी, अफ़्रीकी, हिंदी और उर्दू भाषा में हैं.

भाईचारे का संदेश

इस गाने का मक़सद पूरी दुनिया में सांस्कृतिक एकता और भाईचारे का संदेश देना है. कैलाश खेर इन सभी गायकों के साथ गाने का मौक़ा मिलने पर काफ़ी रोमांचित हैं.

इसके अलावा कैलाश ने अपने बचपन और संघर्ष के दिनों के बारे में भी बातें कीं. उन्होंने बताया कि 13 साल की उम्र में संगीत सीखने की ख़ातिर उन्होंने घर छोड़ दिया था.

कैलाश कहते हैं," शुरुआत में लोगों ने जब मेरा गाना सुना तो कहा कि तुम्हारी तो आवाज़ ही सही तरीके से नहीं निकलती. तुम तो गाना गाने के क़ाबिल ही नहीं हो. लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी."

कैलाश कहते हैं कि उनकी बहन ने यक़ीन दिलाया कि वो अच्छा गाते हैं. इससे उनकी काफ़ी हिम्मत बढ़ी और फिर उन्होंने मुंबई आकर किस्मत आज़माने का फ़ैसला किया.

कैलाश को शुरुआत में जिंगल्स गाने का मौक़ा मिला, लेकिन जिसने भी उनकी आवाज़ सुनी, वो प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका.

उनके फ़िल्मी करियर का पहला गाना 'अल्लाह के बंदे' काफ़ी हिट साबित हुआ और उसके बाद तो कैलाश ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

फ़िल्मों में कई बेहद कामयाब गाने गाने के अलावा वो कई एलबम भी बना चुके हैं. वो 'चांदनी चौक टू चाइना' समेत कुछ फ़िल्मों में बतौर संगीतकार भी काम कर चुके हैं.

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