थोड़ी क्रेज़ी, थोड़ी सेक्सी, थोड़ी स्पाइसी

दबंग
Image caption दबंग में कुछ भी नया या अनोखा नहीं होते हुए भी यह हमारा मनोरंजन करती है.

कुछ फ़िल्में ऐसी होती हैं जिनके रिलीज़ के पहले फ़िल्म निर्माता हाइप पैदा करते हैं. कुछ होती हैं जिन्हें मीडिया हाइप देता है और कुछ फ़िल्में ऐसी होती हैं जो अपने आप चर्चा का विषय बन जाती हैं.

फ़िल्म दबंग ऐसी ही फ़िल्मों में से एक है.

80 के दशक में डॉयरेक्टर टीनू आनंद ने अमिताभ बच्चन को लेकर एक भ्रष्ट पुलिस अफ़सर की कहानी दर्शाई थी जो दिन में बुरे लोगों को लूटकर रात को शहंशाह के अवतार में सच्चे लोगों की मदद करता है.

दबंग में सलमान खान एक और रॉबिनहुड लेकर आए हैं जो दर्द के मारे लोगों को अत्याचार और अन्याय से राहत दिलाते हैं.

'अष्टविनायक फ़िल्म्स' और अरबाज़ खान की ये फ़िल्म एक आम हिंदी फॉर्मुला फ़िल्म है जिसमें विनोद खन्ना एक सख़्त पिता की भूमिका में हैं और डिंपल कपाड़िया मां की भूमिका में हैं और एक नेक दिल महिला हैं.

कलाकार

अरबाज़ खान एक मंद बुद्धि वाले लड़के की भूमिका में है जो कुछ न कुछ गलतियां करता रहता है, सोनाक्षी सिन्हा की भूमिका एक सुंदर लड़की की है, जो हीरो के साथ थोड़ा लड़ती है, झगड़ती हैं और थोड़ा रोमांस भी करती हैं. एक और लड़की है मलाइका अरोड़ा जो आइटम नंबर पर ठुमके लगाती है.

इसके सिवाय आगे की सीटों पर बैठकर सीटी बजाने वालों के लिए बहुत सारे सुपर एक्शन सीक्वेंस हैं, और साथ में मसालेदार डॉयलाग्स. पीछे की सीट वालों के लिए जो तालियां या सीटी नहीं बजाना चाहते बहुत ही सुरीला संगीत है. फिर वो 'तेरे मस्त मस्त दो नैन...' हो या शरारती 'मुन्नी बदनाम हुई....'

लिखने में कुछ अजीब लगता है लेकिन सच तो ये है कि अभिनव कश्यप की 'दबंग' में कुछ भी नया या अनोखा नहीं होते हुए भी यह हमारा मनोरंजन करती है. शायद इसलिए क्योंकि वह कोई भी झूठे वादे नहीं करती.

न ही यह किसी अंग्रेज़ी फ़िल्म से कुछ चुराती है और न ही सलमान खान हमें किसी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद बंधाते हैं.

सलमान का जलवा

Image caption फ़िल्म में सोनाक्षी सिन्हा ने अच्छा अभिनय किया है

सच तो ये है कि दबंग में न कोई तर्क है, न वास्तविकता बल्कि मेरे मुताबिक दबंग बिल्कुल सलमान खान की तरह है-थोड़ी क्रेज़ी, थोड़ी सेक्सी और थोड़ी स्पाइसी.

सलमान खान नाचते हैं...ठुमके लगाते हैं....मारपीट करते हैं...एक बार रोते भी हैं और शर्ट भी उतारते हैं.

नई हीरोइनों में सोनाक्षी सिन्हा जो शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हैं, पुरानी अदाकारा रीना रॉय की याद दिलाती हैं. सोनाक्षी सुंदर भी हैं और अच्छी अदाकारा भी. भविष्य में एक बड़ी स्टार बनने की क़ाबलियत उनमें है.

दबंग देखनी चाहिए सलमान खान के पागलपन के लिए. मेरी नसीहत है कि दिमाग को घर पर छोड़िए और दिल को शर्ट के अंदर संभालकर थिएटर के अंदर ले जाइए. पॉपकॉर्न खरीदिए, टांगे फैलाइए और मज़े लीजिए.

फ़िल्म बेशक लंबी है तो दोस्तों को भी साथ ले जाइए और मनोरंजन का माहौल बनाइए.

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