मनोरंजन जगत ने कहा वाह-वाह!

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल
Image caption मनोरंजन जगत से जुड़ी हस्तियां राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को ज़बरदस्त कामयाब बता रही हैं

'ब्रांड इंडिया' को राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से फ़ायदा होगा. भारत ने दिखा दिया कि वो इस तरह के बड़े आयोजन करने में सक्षम है.

मशहूर गीतकार और विज्ञापन जगत से जुड़े प्रसून जोशी का यही मानना है. उनके जैसी ही राय मनोरंजन और खेल जगत से जुड़ी हुई बाक़ी हस्तियां भी रखती हैं.

बीबीसी से बात करते हुए प्रसून ने कहा, "शुरुआत में चीज़ें इधर-उधर जा रहीं थीं. अच्छी बातें सुनने को नहीं मिल रहीं थीं. लेकिन अब इन खेलों के सफल आयोजन से भारत की प्रतिष्ठा को चार-चांद लगेंगे. खेलों से जुड़े छोटे से छोटे व्यक्ति ने अहम योगदान देकर इन्हें कामयाब बनाया."

मशहूर ऐड गुरु प्रहलाद कक्कड़ के विचार भी कुछ इसी तरह के हैं. प्रहलाद कहते हैं "शुरुआत से लेकर आख़िर तक जिस तरह से इन खेलों का आयोजन हुआ, उससे पूरा देश चकाचौंध है. तमाम नकारात्मक बातों के बीच भारत ने हारी बाज़ी को जीत में तब्दील कर दिया."

अभिनेता जॉन अब्राहम के मुताबिक़ खेल शुरु होने से पहले इनकी काफ़ी बुराई हुई, लेकिन सब कुछ बढ़िया तरीके से हो गया.

Image caption प्रसून के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से 'ब्रांड इंडिया' को फ़ायदा होगा

पूर्व निशानेबाज़ अंजलि भागवत कहती हैं, "खेलों के लिए तैयार स्टेडियम जानदार रहे. किसी भी तरह का कोई विरोध सामने नहीं आया. सभी एथलीट खुश थे. और जिन विदेशी खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस लिया, अब वो ज़रूर अफ़सोस कर रहे होंगे क्योंकि दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार खेल गांव की सभी ने तारीफ़ की. भारत ने साबित कर दिया कि वो इतनी बड़ी स्पर्धा आयोजित कर सकता है."

भारतीय एथलीटों की तारीफ़

लगभग सभी हस्तियों ने भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ़ की. प्रसून जोशी कहते हैं, "मैं भारतीय खिलाड़ियों को सलाम करता हूं. उन्होंने अपने प्रदर्शन से हम सबका दिल जीत लिया है. इन खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि और भी खेल हैं भारत में क्रिकेट के सिवा."

प्रहलाद कक्कड़ के शब्दों में, "भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन की तो बात ही क्या. हमें उन पर गर्व है. पूरा देश हमारे खिलाड़ियों का शुक्रगुज़ार है."

Image caption भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन को सलाम करती हैं मनोरंजन जगत की हस्तियां

अंजलि भागवत के मुताबिक़, "खेलों से पहले सभी का फ़ोकस आयोजन पर था, लेकिन बाद में सबका फ़ोकस खिलाड़ियों पर हो गया. जिमनास्टिक और एथलेटिक्स जैसे खेलों में कामयाबी मिलना वाकई ज़बरदस्त है. शूटिंग में हिना सिद्धू और अनीसा सैयद जैसी नई लड़कियों ने कमाल का खेल दिखाया."

लेकिन अब भी गुस्सा बाक़ी है

ऐसा नहीं है कि खेलों के सफल आयोजन से चारों तरफ़ संतोष व्याप्त हो गया. ये सभी हस्तियां आयोजन समिति और खेलों से जुड़े पदाधिकारियों से ख़ासी खफ़ा हैं.

प्रहलाद कक्कड़ के मुताबिक़ भारत में सभी खेल संघों में आमूल चूल परिवर्तन होने ज़रूरी हैं. गुस्से से भरे प्रहलाद कहते हैं, "इन खेल पदाधिकारियों ने हमें नीचा दिखलाया. इन सबकी ख़बर लेनी चाहिए. अब खेल ख़त्म हो गए हैं. आयोजन समिति से जुड़े तमाम लोगों ने जो गड़बड़ियां की हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए."

प्रसून जोशी कहते हैं, "गड़बड़ियां तो ज़रूर हुईं थीं, आगे इस तरह के आयोजनों में ऐसा नहीं होना चाहिए. हमें इससे काफ़ी कुछ सीखने को भी मिला है."

मशहूर फ़ोटोग्राफ़र रघु राय चाहतें है कि जिन लोगों ने आयोजन के नाम पर करोड़ों रुपए लिए, उनकी जवाबदेही तय हो और जो दोयम दर्जे का काम हुआ है, उसे ठीक तरह से कराया जाए.

संबंधित समाचार