फ़िल्मों से परहेज़ नहीं: निकोल फ़ारिया

निकोल फ़ारिया
Image caption निकोल फ़ारिया 'मिस अर्थ' बनने वाली पहली भारतीय हैं.

'मिस अर्थ' का ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय निकोल फ़ारिया का कहना है कि उन्हें फ़िल्मों में काम करने से कोई गुरेज़ नहीं चाहे वो हिंदी फ़िल्में हो या हॉलीवुड फ़िल्में.

2010 का 'मिस अर्थ' टाइटल जीतने के बाद भारत लौटी निकोल ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मुझे कुछ फ़िल्मों के ऑफ़र मिले हैं, लेकिन अभी मैंने कुछ साइन नहीं किया है. लेकिन हां, मैंने अपने विकल्प खुले रखे हैं. मैं एक बार में एक कदम ही उठाना चाहती हूं."

निकोल ने वियतनाम में हुई इस प्रतियोगिता में अन्य देशों की 83 सुंदरियों को पीछे छोड़ते हुए ये ख़िताब हासिल किया.

वो कहती हैं, "जब मुझे विजेता घोषित किया गया तो मुझे ज़्यादा कुछ समझ ही नहीं आया. तभी मैंने अपनी मां को ख़ुशी से रोते देखा. तब मुझे लगा, ओह ये क्या हो गया. मेरा मोबाइल तुरंत मैसेजेस से जाम हो गया."

जब उनसे पूछा गया कि उनकी शक्ल 'स्लमडॉग मिलेनियर' की हीरोइन फ्रीडा पिंटो से मिलती है, इस पर उनका क्या कहना है, तो निकोल बोलीं, "फ्रीडा बहुत ख़ूबसूरत है. और उनके साथ इस तुलना को मैं तारीफ़ की तरह लेती हूं."

बंगलौर की रहने वाली 5 फ़ीट 9 इंच लंबी निकोल फ़ारिया को खाने में बटर चिकिन बहुत पसंद है.

उनके मुताबिक़ कामयाबी यूं ही नहीं मिलती, उसके लिए ख़ासी मेहनत करनी पड़ती है.

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