‘हॉलीवुड के निर्देशकों से बेहतर हैं भारतीय निर्देशक’

शंकर
Image caption शंकर 'रोबोट' सहित दस फ़िल्मों का निर्देशन कर चुके हैं.

रजनीकांत अभिनीत बेहद कामयाब एंदिरन (हिंदी में रोबोट) के निर्देशक शंकर भारतीय निर्देशकों को हॉलीवुड के निर्देशकों से कहीं ज़्यादा प्रतिभाशाली मानते हैं.

बीबीसी के साथ ख़ास मुलाक़ात में शंकर ने कहा, “रचनात्मकता में तो हम उनसे कहीं आगे हैं. हां, बजट की कमी की वजह से हम हॉलीवुड के स्तर की फ़िल्में नहीं बना पाते.”

निर्देशक शंकर ने अपना फ़िल्मी करियर 1993 में तमिल फ़िल्म 'जेन्टलमैन'से शुरू किया.

अब तक वो कुल दस फ़िल्मों का निर्देशन कर चुके हैं. और ज़्यादातर फ़िल्में बहुत कामयाब रही हैं.

लोकप्रियता

2001 में शंकर ने हिंदी में ‘नायक' बनाई और इसे भी दर्शकों की सराहना मिली. 'हिन्दुस्तानी','जीन्स' और 'अपरिचित' जैसी इनकी कई फ़िल्में तमिल से हिन्दी में डब या रीमेक भी की गई हैं.

शंकर अपनी हर फ़िल्म में कुछ ना कुछ नया करते हैं और अब तो उनकी ख्याति दुनिया भर में फैल चुकी है.

फ़िल्म 'रोबोट' में भी उन्होंने कम्प्यूटर ग्राफ़िक्स और स्पेशल इफ़ेक्ट्स का बेहतरीन इस्तेमाल किया और ये फ़िल्म साल 2010 की सबसे कामयाब फ़िल्मों में से एक बन गई.

‘रोबोट’ तमिल के अलावा हिंदी और तेलुगू में भी डब की गई. शंकर इसे अपनी अब तक की सबसे मुश्किल फ़िल्म मानते हैं. शंकर एक राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुके हैं.

अपनी कामयाबी का राज़ पूछे जाने पर शंकर कहते हैं, “मैं अपनी हर फ़िल्म को एक निर्देशक की नज़र से ही नहीं, बल्कि एक साधारण व्यक्ति की तरह भी देखता हूं. इसी वजह से मेरी फ़िल्में इतनी कामयाब रही हैं."

ख़बरों के मुताबिक 'रोबोट' के बाद शंकर '3 इडियट्स' को तमिल में बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इस पर शंकर ने कहा कि दो-तीन हफ़्तों के बाद ही वो इसके बारे में पुख्ता जानकारी दे पाएंगे.

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