बीबीसी टेक वन

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Image caption अपनी नाक़ामय़ाबी से भी प्यार करते हैं आमिर

बीबीसी टेक वन में इस हफ्ते सुनिए अभिनेता आमिर खान को जो कहते हैं कि ज़िन्दगी में सफल वही होता है जो अपनी शर्तो पर जीता है.

वो कहते हैं कि उन्हें फ़िल्मी परिवार में पैदा होने के कई फायदे मिले. बचपन से ही उन्होंने सीखा की फिल्में कैसे बनायीं जाती हैं.

साथ ही आमिर कहते हैं कि अपनी कामयाबी तो सबको प्यारी होती है लेकिन उन्हें अपनी नाकामयाबी से भी प्यार है. उनकी नाकामयाबी ने उन्हें बहुत कुछ सीखाया है.

साथ ही कार्यक्रम में हैं करीना कपूर और सोनाक्षी सिन्हा. हाल ही में हुए एक पुरस्कार समारोह में जहां करीना कपूर को फिल्म 'वी आर फैमली' में उनके रोले के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए पुरस्कृति किया गया, वहीं सोनाक्षी सिन्हा को फिल्म दबंग में उनके अभिनय के लिए बेस्ट डेब्यू फीमाले के अवार्ड से नवाज़ा गया.

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Image caption दबंग में उनके रोले के लिए सभी ने सराहा सोनाक्षी को

इस मौके पर सोनाक्षी के पिता शत्रुघ्न सिन्हा ने सलमान खान के परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सलमान खान ने अपनी फिल्म दबंग में बेहतरीन तरीके से उनकी बेटी को प्रस्तुत किया और उसी की वजह से उनकी बेटी को आज सबसे प्रशंसा मिल रही है.

साथ ही बीबीसी टेक वन में बात हो रही है इस हफ्ते रिलीज़ हो रही फिल्म ये साली ज़िन्दगी की.

फिल्म का निर्देशन किया है सुधीर मिश्रा ने. सुधीर से जब पुछा गया की किस तरह से वो अपनी फिल्मों की कहानियां चुनते हैं? इस सवाल के जवाब में सुधीर कहते हैं कि वो कहानियों को नहीं बल्कि कहानियां खुद उन्हें खोज लेती हैं. उनकी कहानियों में हास्य भी होता है और वो गंभीर भी होती हैं.

फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं इरफ़ान खान, चित्रांगदा, अरुणोदय सिंह और आदिती राओ.

इस फिल्म के साथ साथ विनय पाठक की फिल्म उटपटांग भी सिनेमाघरों में आ रही है.

इन दोनों फिल्मो के बारे में अपनी राय दे रही बीबीसी टेक वन फिल्म समीक्षक नम्रता जोशी भी.

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