'मेरा करियर लगभग ख़त्म हो गया था'

अक्षय कुमार और अनुष्का शर्मा इमेज कॉपीरइट bbc
Image caption फ़िल्म पटियाला हाउस शुक्रवार को रिलीज़ हो रही है.

खिलाड़ी कुमार के नाम से जाने जाने वाले अक्षय कुमार मानते हैं कि उन्होंने अपने करियर में हार के मुंह से वापसी करते हुए जीत हासिल की है.

मुंबई में वो अपनी फ़िल्म पटियाला हाउस के बारे में पत्रकारों से बात कर रहे थे. इसके साथ-साथ उन्होंने अपने अब तक के फ़िल्मी सफ़र पर भी ढेर सारे बातें कर डालीं.

अक्षय कुमार ने कहा, "आज से क़रीब छह-सात साल पहले मेरी 16-17 फ़िल्में लाइन से फ़्लॉप हो गईं थीं. मेरा करियर लगभग ख़त्म हो गया था. लेकिन मैंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत करता चला गया. फिर एक के बाद दूसरी और फिर तीसरी फ़िल्म चल पड़ी. उसके बाद तो मैंने पीछे मुड़ कर ही नहीं देखा."

अक्षय के मुताबिक़ उनकी फ़िल्म पटियाला हाउस की कहानी भी ऐसी ही है. ये हौसला ना हारने की कहानी है.

वो पटियाला हाउस के निर्माता भी हैं और कहते हैं कि उन्हें इस बात की बिलकुल चिंता नहीं है कि फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर हिट साबित होती है या फ्लॉप.

अक्षय कुमार कहते हैं, "भगवान की दया से मैं उस मुक़ाम पर पहुंच गया हूं जहां मुझे पैसे कमाने की चिंता नहीं है. मैं वही फ़िल्में बनाना चाहता हूं जो मेरा मन कहे. पटियाला हाउस चले या ना चले वो दूसरी बात है. लेकिन ये फ़िल्म मेरे करियर की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म है."

फ़िल्म की अभिनेत्री अनुष्का शर्मा हैं. वो कहती हैं कि अक्षय कुमार के साथ सेट पर समय हंसी मज़ाक में बड़े आराम से कट जाता है.

फ़िल्म में अनुष्का का किरदार एक बेहद महत्तवाकांक्षी और बातूनी लड़की का है.

पटियाला हाउस में ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की भी अहम भूमिका है. और उनके साथ काम करना भी अनुष्का के लिए यादगार अनुभव रहा.

वो कहती है, "ऋषि जी और डिंपल जी जैसे महान कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए बेहतरीन अनुभव रहा. वो इतने स्वाभाविक कलाकार हैं कि उनके साथ काम करके मेरे अभिनय में भी निखार आ गया."

पटियाला हाउस के निर्देशक निखिल आडवाणी हैं और ये शुक्रवार को दर्शकों के सामने आ रही है.

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