बड़े सितारों की फ़ीस में कटौती ज़रूरी: करण जौहर

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निर्माता निर्देशक करण जौहर इस बात से चिंतित है कि बड़े बड़े सितारों के भारी भरकम फ़ीस लेने के बावजूद बड़े बजट की फ़िल्में बुरी तरह से फ़्लॉप हो रही हैं.

इसलिए उनका मानना है कि निर्माताओं को अपनी फ़िल्म के बजट पर समझदारी से पैसा खर्च करना चाहिए.

फ़िक्की फ़्रेम्स की सालाना बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे करण जौहर ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, "वक़्त आ गया है कि हम फ़िल्मों पर अनाप शनाप पैसे खर्च न करें. पिछले कुछ समय से कई बड़ी फ़िल्में बड़े बड़े सितारों के होने के बावजूद बॉक्स ऑफ़िस पर धूल चाट गईं. ऐसे में सितारों को भारी भरकम फ़ीस देने का क्या मतलब, जब वो किसी फ़िल्म की सफलता की गारंटी नहीं हैं."

करण जौहर ने आगे कहा कि फ़िल्म का कथानक और उसका प्रस्तुतिकरण ज़्यादा अहम होता है न कि फ़िल्म का बजट और बड़े सितारों की मौजूदगी.

उन्होंने बैंड बाजा बारात, तनु वेड्स मनु और नो वन किल्ड जेसिका जैसी फ़िल्मों को उदाहरण देते हुए कहा कि कई छोटी फ़िल्मों ने ये बात साबित कर दी है कि फ़िल्म की कामयाबी के लिए सिर्फ़ बड़े सितारे ही ज़रूरी नहीं.

फ़िक्की फ़्रेम्स की बैठक में फ़िल्मों के व्यवसायिक पहलू पर चर्चा की जाती है.

इस साल ये 23 से 25 मार्च तक मुंबई में आयोजित की गई.

इसमें करण जौहर के अलावा यश चोपड़ा, श्याम बेनेगल, राकेश ओमप्रकाश मेहरा और विक्रम भट्ट ने शिरकत की.

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