खेल को खेल रहने दें, जंग ना बनाएं- लता मंगेशकर

लता मंगेशकर इमेज कॉपीरइट bbc
Image caption लता मंगेशकर मैच को लेकर हो रहे हंगामे को ग़लत मानती हैं.

भारत-पाकिस्तान के बीच सेमीफ़ाइनल मैच की ख़बरें दोनों ही देशों के मीडिया में छाई हुई हैं. भारतरत्न लता मंगेशकर इन बातों से ख़ुश नहीं है.

बीबीसी से बात करते हुए लता मंगेशकर ने कहा, "मीडिया में चारों तरफ़ इस मैच की ही बातें हो रही हैं. इतना ज़्यादा शोर-शराबा हो रहा है मानो ये खेल ना हो कोई जंग हो रही हो. ये ग़लत बात है. खेल को खेल ही रहने देना चाहिए."

लता दीदी के मुताबिक़ इस सारे हंगामे से खिलाड़ियों पर बेवजह दबाव बढ़ रहा होगा जिससे उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है.

हालांकि लता जी ख़ुद क्रिकेट की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और पूरे परिवार के साथ बैठकर मैच देखेंगी.

सब जानते हैं कि वो सचिन तेंदुलकर को ख़ासा पसंद करती हैं. लता मंगेशकर कहती हैं, "सचिन बेहतरीन बल्लेबाज़ होने के साथ-साथ एक बेहद विनम्र इंसान भी हैं. सचिन के अलावा मुझे गंभीर, सहवाग और युवराज भी बहुत पसंद हैं."

लता दीदी के मुताबिक़ पाकिस्तान भी बेहद मज़बूत टीम है और उसे कम करके नहीं आंका जा सकता.

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया कहते हैं कि पाकिस्तान में सभी के दिलों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं. यहां की जनता काफ़ी भावुक है और जीत से कम किसी को नहीं चाहिए.

दानिश भारत के प्रधानमंत्री के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को न्यौता देने को अच्छा क़दम मानते हैं. और कहते हैं क्रिकेट से दोनों देशों के रिश्ते कुछ बेहतर होते हैं तो इससे भला और क्या होगा.

पाकिस्तान की जनता में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को न्यौता दिए जाने को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया है. कुछ लोग इसे अच्छा मानते हैं जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इससे दोनों देशों के रिश्तों पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा.

ज़्यादातर लोग ये भी मानते हैं कि आईपीएल के चौथे संस्करण में एक भी पाकिस्तानी खिलाड़ी की नीलामी ना लगना काफ़ी अफ़सोसनाक बात है.

संबंधित समाचार