'ज़ोक्कोमॉन'- कैसा है संगीत

ज़ोक्कोमॉन इमेज कॉपीरइट pr
Image caption वॉल्ट डिज़नी की फ़िल्म 'ज़ोक्कोमॉन' में दर्शील सफ़ारी की मुख्य भूमिका है.

बच्चों की परीक्षाओं का मौसम उतार पर है और गर्मियों की छुट्टियां शुरु होने को हैं, यही देखते हुए वॉल्ट डिज़्नी स्टूडियो बच्चों के लिये अपनी नई हिन्दी फ़िल्म 'ज़ोक्कोमॉन' के साथ हाज़िर है.

'ज़ोक्कोमॉन' एक सुपर हीरो की एक्शन-एडवेंचर फ़िल्म है जो साल भर से तैयार पड़ी है मगर डिज़्नी ने प्रदर्शन के सही समय के लिए इंतज़ार करना बेहतर समझा.

'ज़ोक्कोमॉन' का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने दिया है और गीतकार जावेद अख्तर हैं.

'ज़ोक्कोमॉन' की मुख्य भूमिका में दर्शील सफ़ारी हैं और उनके ज़िक्र से 'तारे ज़मीं पर' याद आती है जिसका संगीत भी शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी ने ही दिया था और फ़िल्म के साथ साथ उसका संगीत भी इस दौर के सिनेमा में मील का पत्थर है.

इमेज कॉपीरइट bbc
Image caption 'ज़ोक्कोमॉन' का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने दिया है.

हालांकि 'ज़ोक्कोमॉन' एक अलग जॉनर की फ़िल्म है इसलिये इसके संगीत से तारे ज़मीं पर की संवेदनशीलता की अपेक्षा नहीं की जा सकती, मगर शंकर-एहसान-लॉय और जावेद अख्तर की जोड़ी का नाम कुछ उम्मीद तो जगाता ही है.

साउंडट्रैक में कुल पाँच मुख्य गीत हैं और शीर्षक गीत 'ज़ोक्कोमॉन' दो अलग अलग रंगों मे है.

शंकर के स्वर में 'ज़ोक्कोमॉन' का मुख्य संस्करण बुराई से लड़ने वाले सुपर हीरो का परिचय देता है. गीत के तेवर फ़िल्म के कथानक के अनुरूप हैं और अस्सी के दशक में अमिताभ बच्चन की 'लार्जर दैन लाइफ़' छवि लिए फ़िल्मों, जैसे शहंशाह और तूफ़ान के टाईटल गीतों के ताल से प्रभावित लगता है.

एक अन्य संस्करण में ये गीत शंकर के साथ अलिसा मैंडोसा और अर्ल ने गाया है और फ़िल्म की कहानी में एक थीम गीत की तरह कई बार पार्श्व संगीत में उपस्थित होने की गुंजाइश रखता है.

"ईना मयना मो", एलबम की अगली रचना है. शंकर-एहसान-लॉय ने इस गीत में सारेगामापा फ़ाइनलिस्ट गायिका यशिता शर्मा को मौका दिया है.

गीत में मस्ती है मगर बाल सुलभ मस्ती नहीं, बचपन की कमी है. बच्चों के कल्पना लोक के इर्द गिर्द बुने इस गीत में यशिता प्रभावित तो करती हैं, मगर गीत में उनके साथ बच्चों के कोरस इस गीत को असरदार बना सकता था.

एलबम मे जो गीत सबसे ज्यादा प्रभावित करता है वो है कैलाश खेर का गाया "झुन झुन झुन माकस्तामा, कैसी नगरी बनाई रामा".

फ़िल्म की कहानी माकस्तामा नामक बस्ती की है, कैलाश खेर इस गीत में वहीं के किस्से कहानी दिलचस्प तरीके से बयां करते हैं.

इमेज कॉपीरइट pr
Image caption पवन झा 'ज़ोक्कोमॉन' के संगीत को देते हैं पाँच में से ढाई नंबर(2.5/5).

शंकर-एहसान-लॉय की धुन का टैम्पलेट पुराना सा है मगर किस्से कहानी के नये जॉनर में बेहतरीन तरीके से फ़िट बैठता है. रिदम बहुत कुछ बंटी और बबली के "धड़क धड़क" की याद दिलाती है. जावेद अख्तर के बोल माकस्तामा नगरी का मज़ेदार परिचय देते हैं.

एलबम में एक गीत है शान का गाया हुआ, "तुम बिन ये दिल घबराए". गीत बहुत कुछ तारे ज़मीं पर के माँ की याद दिलाता है, मगर उसकी संवेदना के स्तर तक नहीं पहुंच पाया है.

शब्दों में गहराई की कमी है और दिल को छूने में नाकाम रहे हैं. कुल मिला कर बहुत कुछ खास प्रस्तुत नहीं करता ये गीत और एक औसत रचना है.

"नथिंग इज़ इम्पॉसिबल" सूरज जगन ने अपने विशेष अंदाज़ में गाया है. शंकर-एहसान-लॉय ने रॉक का आधार ले कर बच्चों के सुपर हीरो के लिए ये गीत रचा है. गीत जोश से भरा है और फ़िल्म के किसी महत्वपूर्ण मोड़ पर आने की संभावना रखता है.

कुल मिलाकर 'ज़ोक्कोमॉन' में शंकर-एहसान-लॉय ने फ़िल्म के कथानक के अनुरूप संगीत दिया है.

टाइटल गीत के अतिरिक्त कैलाश खेर का गीत एलबम का आकर्षण है. शंकर-एहसान-लॉय ने बच्चों की फ़िल्म होते हुए भी संगीत को मुख्य धारा सिनेमा के संगीत के आसपास ही आधारित किया है और अपनी पुरानी धुनों को नये जॉनर मे अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया है.

हालांकि एलबम के बाल सुलभ मस्ती और संवेदनशील रंग लिये हुए रंगों के गीत प्रभावित नहीं करते हैं. मगर एक सुपर हीरो के इर्द गिर्द रची एक्शन एडवेंचर फ़िल्म के हिसाब से संगीत उपयुक्त है.

नंबरों के लिहाज़ से 'ज़ोक्कोमॉन' के संगीत को पाँच में से ढाई (2.5/5)

संबंधित समाचार