हॉलीवुड से बेहतर साउथ की फ़िल्मों की रीमेक बनाना

सलमान ख़ान और असिन इमेज कॉपीरइट bbc

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान को दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के हिंदी रीमेक बनाने में कोई बुराई नहीं लगती.

सलमान ख़ान कहते हैं, “अगर कोई अच्छी चीज़ मिल रही है, जो फ़ॉर्मूला हिट साबित हुआ है, और जिसे उत्तर भारत में किसी ने देखा भी नहीं है, तो क्यों नहीं ऐसी फ़िल्म का रीमेक बनाएं. किसी अंग्रेज़ी फ़िल्म का रीमेक बनाने से तो यह बेहतर है क्योंकि अंग्रेज़ी या हॉलीवुड फ़िल्म का हमसे कुछ लेना-देना नहीं है, वो हमारी संस्कृति से बिल्कुल अलग है. वैसे भी उस फ़िल्म को पूरी दुनिया ने देखा है इसलिए तुलना भी होगी.”

सलमान ख़ान ने ये बात हाल ही में अपनी नई फ़िल्म रेडी के म्यूज़िक लॉन्च के दौरान कही. इसका अनीस बज़मी ने निर्देशन किया है.

कई रीमेक किए हैं

वैसे सलमान की इस सोच से किसी को भी हैरानी नहीं होगी क्योंकि सलमान ने कई हिट दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के हिंदी रीमेक में काम किया है. तेरे नाम और वॉन्टेड के बाद रेडी भी इसी नाम की तेलुगू फ़िल्म का रीमेक है. इसके अलावा सलमान और करीना कपूर की निर्माणाधीन फ़िल्म बॉडीगार्ड भी एक मलयालम फ़िल्म का रीमेक है.

वैसे सलमान मानते हैं कि उनका रीमेक्स में काम करना महज़ एक इत्तेफ़ाक है और ज़रूरी नहीं है कि आगे भी ऐसा हो. उनकी आने वाली फ़िल्मों में दबंग 2 के अलावा शेरख़ान, नो ऐंट्री जैसी फ़िल्में शामिल हैं जो रीमेक नहीं हैं. इसके अलावा वो एक यशराज फ़िल्म में भी काम कर रहे हैं.

सलमान ख़ान की फ़िल्मों की सफलता में उनकी अपनी लोकप्रियता की भी बड़ी भूमिका है. अपनी लोकप्रियता के बारे में वो कहते हैं, “मैं किसी और स्टार की तरह बर्ताव नहीं करता. मैं जो हूं, वैसा हूं, कुछ किया है तो किया है, नहीं किया तो नहीं किया.”

वो मानते हैं कि फ़िल्म की सफलता में फ़िल्म रिव्यू का थोड़ा बहुत असर तो पड़ता है. लेकिन सलमान का कहना है कि अगर फ़िल्म बढ़िया है तो रिव्यू कैसा भी हो, लोग जाकर फ़िल्म देखेंगे.

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