'बच्चों से ऑर्केस्ट्रा में गवाते हैं,पढ़ाते नहीं'

मशहूर गायक और टीवी कार्यक्रम सारे गामा पा में जज की भूमिका निभा रहे कैलाश खेर ने माना है कि कई अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाते नहीं बल्कि उनसे ऑर्केस्ट्रा में गाना गवाते है.

कैलाश खेर ने कई ऐसे बच्चों के माँ बाप को डांटा हैं जो बच्चों को पढ़ाने की बजाए उनसे गवाते थे.

बच्चों के लिए होने वाली इस तरह की संगीत प्रतियोगिताओं के बच्चों पर होने वाले सवाल के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होने स्वीकार किया कि कुछ माँ-बाप पढ़ाई की बजाए बच्चों से गाना गवाते हैं.

कैलाश कहते हैं “मैने कई अभिभावकों को समझाया कि आप क्यों अपने बच्चों से आर्केस्ट्रा में गवाते हैं. वो उनको पढ़ाते नहीं थे. मैने उनको डांटा और कहा कि पढ़ाओ इनको.”

इतना ही नहीं कैलाश कहते है कि उन्होने इस तरह के अभिभावकों को भगा भी दिया.

टीवी पर होने वाली संगीत प्रतियोगिताओं ने न जाने कितने बच्चो को विश्व मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका दिया औऱ वो रातों रात जनता की आँखों के सितारे बन गए.

सफलता के इस छोटे रास्ते और चकाचौंध ने न जाने कितने ही बच्चों को इस तरह की दौड़ में ला खड़ा किया.

जानकारों ने कहा कि बचपन इस दौड़ में पीछे छूट रहा है.

इस साल फिर से इसी तरह का एक संगीत कार्यक्रम एक टीवी चैनल पर शुरु हो रहा है. इस कार्यक्रम में गायक कैलाश खेर भी जज की भूमिका में है.

कैलाश कहते है कि उनकी कोशिश होती है कि वो बच्चों के हुनर को तराश सकें और इसके लिए वो बच्चों पर दबाव नहीं बनाते हैं.

जब उनसे इस तरह के कार्यक्रम में जज की भूमिका निभाने के बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा “बच्चे तो भगवान का रुप होते है और जब वो कला का प्रदर्शन करते है तो वो भी उनसे सीखते है.”

कैलाश कहते है कि इस तरह की प्रतियोगिताओं को जज करते-करते वो वकील ज़रुर बन गए हैं.

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