'भारतीय संगीत, पश्चिम की नकल'

प्रसिद्ध गज़ल गायक जगजीत सिंह का मानना है कि भारतीय संगीत आजकल पश्चिम की नक़ल कर रहा है.

बीबीसी से बात करते हुए जगजीत सिंह ने कहा कि इससे भारतीय परंपरागत संगीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. जगजीत सिंह कहते हैं, “फ़िलहाल भारतीय संगीत उद्योग पश्चिम की नक़ल कर रहा है, चाहे वो रहन सहन हो या फिर पहनावा. लेकिन मैं ये भी कहना चाहूँगा कि परंपरागत संगीत कभी भी ख़त्म नहीं होगा. शास्त्रीय संगीत, जोकि पिछले 500-600 वर्षों से चल रहा है वो चलता रहेगा.”

आजकल जगजीत सिंह विश्व दौरे पर हैं. वो पेरिस में अपना कांसर्ट कर चुके है और 15 जून को बेल्जियम में प्रदर्शन करने वाले हैं.

जगजीत सिंह आजकल ब्रिटेन स्थित एशियन म्यूज़िक सर्किट में लोगों से साथ गज़ल गायिकी के वर्कशाप भी कर रहें हैं.

अगली पीढ़ी की विरासत

युवाओं के संगीत के बारे में पूछे जाने पर जगजीत सिंह कहते हैं “गज़ल गायिकी को अगली पीढ़ी को सौंपना बेहद ज़रुरी है. इसके लिए मुझे अच्छे शागिर्दों की ज़रुरत है. आजकल के युवा शार्टकट में भरोसा करते हैं, रातों रात सितारे बन जाना चाहते हैं. मीडिया उन्हें सितारा बनाता भी है लेकिन वो तीन चार साल के बाद ग़ायब भी हो जाते हैं. युवाओं को चाहिए कि वो सही संगीत और सही भाषा का ज्ञान हासिल करें.”

जगजीत सिंह ये कहना भी नहीं भूले कि गज़ल गायिकी को अगली पीढ़ी को सौंपना बेहद ज़रुरी है. इसके लिए उन्हे अच्छे शागिर्दों की ज़रुरत है.

जगजीत सिंह कहते हैं “अगर कोई सही सीखने वाला हो तो मैं अक्सर उनके साथ अपने अनुभव साझा करता हूँ.”

बॉलीवुड में गाने के बारे में पूछे जाने पर जगजीत सिंह कहते है, “मुझे बॉलीवुड में गाने से कोई परहेज़ नहीं है बशर्ते वो गाने मेरी आवाज़ के मुताबिक़ हों, मेरे व्यक्तित्व के मुताबिक़ हों. मैं भद्दे गाने नहीं गाना चाहता. गाने में युवा पीढ़ी के लिए कोई संदेश होना चाहिए.”

जगजीत सिंह जल्द ही एक नई एलबम ला रहे हैं जो कि माता-पिता और बच्चों के बीच के रिश्तों पर आधारित है.

जगजीत सिंह कहते है, “ये एलबम उन लोगों के लिए जिन्होंने अपने देश को छोड़ दिया है और अपने माता पिता को भूल गए हैं.”

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