ब्रिटेन में हुसैन सुपुर्द-ए-ख़ाक

इमेज कॉपीरइट AP

भारत के चर्चित पेंटर मक़बूल फ़िदा हैसुन को शुक्रवार को ब्रिटेन में सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया. भारत के पिकासो कहे जाने वाले 95 वर्षीय हुसैन का नौ जून को लंदन में निधन हो गया था.

शुक्रवार को उनके परिवारजनों, दोस्तों और प्रशंसकों ने लंदन में उनको अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दी.

दक्षिणी लंदन में टूटिंग में उनकी नमाज़े-जनाज़ा अदा की गई. श्रंद्धाजलि देने आने वालों में भारत के राजदूत नलिन सूरी, उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल और जीपी हिंदूजा समेत कई लोग शामिल थे.

हुसैन का जन्म महाराष्ट्र के पंढ़रपुर में 17 सितंबर 1915 को हुआ था. अपनी चित्रकारी से उन्होंने दुनिया में ख़ूब नाम कमाया.

एमएफ़ हुसैन से बातचीत

हिंदू देवी-देवताओं की विवादित पेंटिग्स के कारण उन्हें कई हिंदू संगठनों का विरोध झेलना पड़ा. इसी कारण वे 2006 में भारत छोड़कर विदेश चले गए थे.पिछले साल उन्होंने क़तर की नागरिकता स्वीकर कर ली थी.

चित्रकला की दुनिया में उनके स्थान का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फ़ोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें भारत का पिकासो करार दिया था.

हुसैन पेंटिंग के साथ-साथ सिनेमा के प्रति अपने प्यार के लिए भी जाने जाते थे. उन्होंने गजगामिनी और मिनाक्षी जैसी फ़िल्में बनाईं. मशहूर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के वे बड़े प्रशंसक थे.

हुसैन का काम

इमेज कॉपीरइट Getty

हुसैन वर्ष 1947 में प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप में शामिल हुए. लीक से हटकर कुछ करने का जज़्बा रखने वाले हुसैन को 50 के दशक में ज़्यूरिख में प्रदर्शनी लगाने का मौका मिला. धीरे-धीरे यूरोप में उनकी साख बढ़ने लगी.

उनकी फ़िल्म फ़िल्म थ्रू द आइज़ ऑफ़ अ पेंटर ने वर्ष 1967 में बर्लिन फ़िल्म समारोह में गोल्डन बेयर पुरस्कार जीता.

वर्ष 1955 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया. वर्ष 1971 में साओ पावलो समारोह में उन्हें पाबलो पिकासो के साथ विशेष निमंत्रण देकर बुलाया गया था. 1973 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया तो वर्ष 1986 में उन्हें राज्यसभा में मनोनीत किया गया.

भारत सरकार ने वर्ष 1991 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. 92 वर्ष की उम्र में उन्हें केरल सरकार ने राजा रवि वर्मा पुरस्कार दिया.

क्रिस्टीज़ ऑक्शन में उनकी एक पेंटिंग 20 लाख अमरीकी डॉलर में बिकी. इसके साथ ही वे भारत के सबसे महंगे पेंटर बन गए थे.

संबंधित समाचार