बेहतरीन गायक हैं ऋतिक रौशन- शंकर

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Image caption ऋतिक रोशन ने 'ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा' में गाना गाया है.

'कहो ना प्यार है' से अपने फ़िल्मी करियर की धमाकेदार शुरुआत करने वाले अभिनेता ऋतिक रौशन ने 'कोई मिल गया', 'जोधा अकबर' और 'ग़ुज़ारिश' जैसी फ़िल्मों से अपने अभिनय का भी लोहा मनवाया. लेकिन एक अच्छे अभिनेता के तौर पर पहचान बना चुके ऋतिक रौशन एक अच्छे गायक भी हैं. और ये कहना है गायक-संगीतकार शंकर का.

बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में शंकर ने कहा, "फ़िल्म ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा में ऋतिक रौशन ने हमारे संगीत में गाना गाया. उनकी आवाज़ बेहतरीन हैं और वो बहुत अच्छा गाते हैं."

'ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा' की निर्देशक ज़ोया अख़्तर हैं और इसमें शंकर, एहसान, लॉय की तिकड़ी ने संगीत दिया है.

फ़िल्म में अभिनेता अभय देओल और ज़ोया के भाई फ़रहान अख़्तर ने भी गाना गाया है.

'वेस्ट इज़ वेस्ट'

शंकर, एहसान, लॉय ने ब्रिटिश फ़िल्म 'वेस्ट इज़ वेस्ट' में भी संगीत दिया है. ये फ़िल्म 1999 में रिलीज़ हुई सुपर हिट फ़िल्म 'ईस्ट इज़ ईस्ट' का सीक्वेल है.

फ़िल्म में ओम पुरी की मुख्य भूमिका है.

इस फ़िल्म में दिए अपने संगीत के बारे में बात करते हुए कहा, "फ़िल्म में ओम पुरी का परिवार पाकिस्तान के ग्रामीण इलाके से ताल्लुक़ रखता है. तो हमें पाकिस्तान के ख़ास लोक संगीत को ध्यान में रखते हुए फ़िल्म का संगीत तैयार करना था. हम फ़िल्म की पूरी टीम के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. तो हमें इसमें काम करते हुए ख़ासा मज़ा आया."

शंकर ने ये भी बताया कि फ़िल्म का एक गाना स्टूडियो में नहीं बल्कि सेट पर रिकॉर्ड किया गया था.

संगीतकार तिकड़ी

शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी आखिर तैयार कैसे हुई. ये पूछने पर शंकर ने कहा, "हम तीनों विज्ञापन जगत से थे. तीनों साथ में काम करते-करते आख़िर एक साथ आ गए और टीम बना ली."

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जब ये टीम कोई प्रोजेक्ट हाथ में लेती है तो तीनों की अलग-अलग क्या भूमिका होती है. ये पूछने पर शंकर ने बताया कि शुरुआत में वो गाने के मेलोडी पार्ट पर काम करते थे, एहसान गिटार संभालते थे और लॉय वायलिन बजाते थे. लेकिन पिछले 15 सालों से साथ काम करते हुए अब तीनों एक दूसरे की ज़िम्मेदारी संभाल लेते हैं और पहले से तय नहीं होता कि कौन क्या करेगा.

शंकर ने बताया कि उनकी अब तक की फ़िल्मों में 'दिल चाहता है' और 'कल हो ना हो' का संगीत उनके दिल के सबसे ज़्यादा क़रीब है.

इस तिकड़ी को एस डी बर्मन, आर डी बर्मन, हेमंत कुमार और शंकर-जयकिशन का संगीत बेहद पसंद है.

नए संगीतकारों में विशाल भारद्वाज, ए आर रहमान और अमित त्रिवेदी का संगीत इस जोड़ी को सबसे ज़्यादा भाता है.

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