बुड्ढा होगा तेरा बाप- बच्चन प्रशंसकों के लिए

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'बुड्ढा होगा तेरा बाप' इस मौसम में एक अनूठी फ़िल्म है, जिसमें सुपर स्टार अमिताभ बच्चन अपने गुज़रे ज़माने, ख़ासकर अपनी एंग्री यंग मैन की इमेज को याद करते नज़र आएंगे.

फ़िल्म बच्चन पर केंद्रित ख़ास डिज़ाइनर फ़िल्म है इसलिये फ़िल्म के संगीत पर भी बच्चन का छाना लाज़मी है.

एलबम में कुल पाँच ट्रैक्स हैं जिन्हें विशाल शेखर ने संगीतबद्ध किया है. गीतकार के रूप में एलबम में विशाल के साथ अन्विता दत्त और स्वानंद किरकिरे भी मौजूद हैं.

फ़िल्म का टाइटल अनूठा सा है और अमिताभ की आवाज़ में टाइटल गीत मज़ेदार बन पड़ा है. विशाल के बोल फ़िल्म के मूड के अनुरूप अमिताभ के किरदार का मज़ेदार परिचय देते है.

फ़िल्म में अमिताभ का 'स्टाइल फ़ैक्टर' हाइलाइट है और ये गीत उसी कोशिश की एक कड़ी है. विशाल ने अमिताभ की एंग्री यंग मैन इमेज को आधार लेते हुए साथ में, वन लाइनर्स (जैसे "कूल का स्कूल हूं मैं") का उपयोग भी बखूबी किया है.

अमिताभ के लिये एक सरल सी धुन है मगर ख़ास बात है कि मुख्य संस्करण में विशाल-शेखर ने गीत में "आकापैला" शैली को आधार लिया है, जिसमें वाद्यों का उपयोग नहीं है और पूरे गीत में गायन के अलावा ध्वनियों के लिए भी गायकी के स्वरों को ही काम में लिया है.

अपने अनोखे अंदाज़ के कारण गीत वीडियो प्रोमोज़ से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहा है. रीमिक्स संस्करण में गीत टैक्नो साउंड्स और शोर शराबे की वजह से अपना असर खो देता है.

एलबम की सबसे बेहतरीन प्रस्तुति है अमिताभ का गाया हाल-ए-दिल, जिसमें उनका साथ दिया है शेखर और मोनाली ठाकुर ने. बोल स्वानंद किरकिरे और अंविता दत्त के हैं.

अमिताभ के गाये विरह गीत बरसों से पसंद किये जाते रहे हैं ख़ासकर 'महान' का "जिधर देखूं तेरी तस्वीर" हो या हाल में बाग़बान का "मैं यहाँ तू वहाँ".

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Image caption फ़िल्म का टाइटल ट्रैक अमिताभ बच्चन की आवाज़ में मज़ेदार बन पड़ा है.

ये गीत बहुत कुछ बाग़बान के गीत की याद दिलाता है. अमिताभ ने बहुत डूब के ये गीत गाया है. विशाल शेखर का वाद्य संयोजन बेहतरीन है ख़ासकर अल्पतम वाद्यों से शुरु होकर गीत केवल अमिताभ की गायकी के सहारे आगे बढ़ता है और धीरे धीरे वाद्यों के समावेश से अपना असर बढ़ाता है.

एलबम में बच्चन के प्रभुत्व को चुनौती देती हुई एक रचना है "चंडीगढ़ की स्टार". सुनिधि चौहान अपने पॉप स्टार के चिर परिचित अंदाज़ में मौजूद हैं. अंविता दत्त के बोलों में पंजाबी हावी है और बोल कहीं कहीं पर मज़ेदार हैं. मगर गीत बहुत प्रभावी नहीं है.

ये गीत रवीना टंडन पर फ़िल्माया गया है और शायद इसका फ़िल्मांकन किसी हद तक इसकी उपस्थिति दर्ज करा सके मगर बच्चन प्रेमियों के लिये एलबम में 'आउट ऑफ़ द प्लेस' सा लगता है.

'गो मीरा गो' फिर से अमिताभ के सुपर हिट दौर को एक श्रद्धांजलि है. उनके पुराने लोकप्रिय गीतों की मेडले को ही नए रूप में पेश किया है.

गायकी में अमिताभ का साथ दिया है अभिषेक बच्चन ने. रंग बरसे, खई के पान बनारसवाला, पग घुंघरू और सारा ज़माना जैसे गीतों को 'गो मीरा गो` में मिक्स किया है.

विशाल शेखर की ये कोशिश बहुत असरदार नहीं बन पाई है. अमिताभ-अभिषेक की जोड़ी के साथ कुछ नया, धमाकेदार प्रस्तुति की बहुत गुंजाइश थी मगर विशाल-शेखर मौके को भुनाने में विफल रहे हैं.

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Image caption रवीना पर फ़िल्माया गीत 'चंडीगढ़ की स्टार' असर नहीं छोड़ पाया.

कुल मिलाकर 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' का संगीत, फ़िल्म की तरह ही बच्चन की लोकप्रिय छवि के इर्द गिर्द रचा गया है और "ऑफ़ द बच्चन, बाय द बच्चन, फ़ॉर द बच्चन फ़ैन्स" ही है.

हो सकता है कि अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों को ये एलबम उनके अनूठे अंदाज़ की वजह से पसंद आए मगर संगीत एलबम के तौर पर "हाल-ए-दिल" को छोड़ कर ज़्यादा प्रभावित नहीं करता.

डर इस बात का भी है, अमिताभ की पुरानी लोकप्रिय छवि को श्रद्धांजलि देने की कोशिश कहीं उसकी पैरोडी मात्र बन के ना रह जाए.

नंबरों के लिहाज़ से बुड्ढा होगा तेरा बाप के संगीत को 2/5 (पाँच में से दो)

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