आज लोगों के पास वक़्त नहीं: अमिताभ बच्चन

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ज़ंजीर, दीवार, शोले, अग्निपथ, शराबी, नमकहराम और ऐसी ही अनगिनत फ़िल्मों में अभिनेता अमिताभ बच्चन के डायलॉग आज भी लोगों को ज़ुबानी याद हैं.

लेकिन अमिताभ बच्चन को इस बात का अफ़सोस है कि आज न तो फ़िल्मों में पहली जैसी लिखावट है और न ही लोगों के पास डायलॉग सुनने का समय.

वो कहते हैं, “अब उस तरह की लिखावट होती नहीं है. मुझे इस बात का खेद और दुख भी है कि आज पहले जैसी पटकथा या डायलॉग नहीं लिखे जाते. पता नहीं क्या वजह है. हो सकता है कि लोगों के पास समय नहीं है डायलॉग सुनने का. हां भई, क्या बोलना है, जल्दी बोलो, ज़्यादा लफ़्फ़ाज़ी की ज़रूरत नहीं है, इस तरह का रवैया है अब लोगों का....”

जिन दर्शकों के पास आज फ़िल्मों में लंबे-लंबे डायलॉग सुनने का समय नहीं है, वही पुरानी फ़िल्मों के डायलॉग अब भी बहुत चाव से सुनते हैं. अमिताभ बच्चन के डायलॉग लोकप्रिय होने की एक वजह उनके डायलॉग बोलने की अपनी विशिष्ट शैली भी है.

अमिताभ बच्चन कहते हैं, “जब भी मैं विदेश में कार्यक्रम करता हूं तो एक आइटम में अपनी पुरानी फ़िल्मों जैसे दीवार, सिलसिला, कभी-कभी, अग्निपथ के डायलॉग बोलता हूं. वो सबसे ज़्यादा लोकप्रिय आइटम होता है. पचास-साठ हज़ार लोग होते हैं उस हॉल में जिनमें से सबसे ज़्यादा लोग वो हैं जो पैदा भी नहीं हुए थे जब ये फ़िल्में रिलीज़ हुई थीं.”

इन दिनों फ़िल्मों के डायलॉग और गानों में अश्लील या आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर काफ़ी चर्चा हो रही है.

लेकिन अमिताभ बच्चन कहते हैं कि वो इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते. उनका कहना था, “मैं फ़िल्मों में अश्लील शब्दों का इस्तेमाल या अंतरंग सीन नहीं करता क्योंकि मैं ये करते हुए सहज महसूस नहीं करता. अश्लील शब्दों का इस्तेमाल इसलिए भी नहीं करता क्योंकि अगर मेरे परिवार के लोग फ़िल्म देखने जाएं तो उन्हें मुझसे घृणा न हो.”

ये बातें अमिताभ बच्चन ने हाल ही अपनी नई फ़िल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ के प्रचार कार्यक्रम के दौरान पत्रकार सम्मेलन में कहीं.

इसमें अमिताभ अपने सत्तर-अस्सी के दशक के ‘एंग्री यंग मैन’ अवतार को दोहराते हुए नज़र आएंगे.

इस रोल के बारे में 68-वर्षीय अमितभ कहते हैं, “जो काम आप 25 साल की उम्र में करते हैं, उन्हीं कामों को 70 साल में करना चुनौतीपूर्ण होता है. चाहे वो ऐक्शन हो, गाना या फिर डांस करना, ये सभी शारीरिक तौर पर थकाने वाले काम हैं. इसके लिए तैयारी करनी पड़ती है. मैं वैसे भी हर रोज़ जिम जाता हूं लेकिन इस रोल के लिए मैंने थोड़ी और तैयारी की, खान-पान का भी थोड़ा और ध्यान रखा.”

ये फ़िल्म एक जुलाई को सिनेमाघरों में पहुंच रही है और इसमें उनके साथ हेमा मालिनी, सोनू सूद, सोनल चौहान भी हैं.

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