'मामू ने मेरी सारी फ़िल्में नहीं देखीं'

इमरान ख़ान अपने मामा आमिर ख़ान और अभिनेता वीर दास के साथ
Image caption इमरान ख़ान ने अपने करियर की शुरुआत फ़िल्म 'जाने तू या जाने न' से की थी.

अभिनेता इमरान ख़ान का कहना है कि उनके मामा आमिर ख़ान इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्होंने इमरान की ज़्यादा फ़िल्में देखी ही नहीं हैं.

"मामू और मैं ज़्यादा मिल भी नहीं पाते. हम दोनों अपने-अपने काम में लगे रहते हैं. इस वजह से वो मुझे मेरी फ़िल्मों के बारे में सुझाव भी नहीं दे पाते."

आमिऱ ख़ान के प्रोडक्शन में बनी फ़िल्म 'डेली बेली' में इमरान ने मुख्य किरदार निभाया है और ये फ़िल्म बहुत अच्छा बिज़नेस कर रही है.

आमिर ख़ान प्रोडक्शन्स के तले ही बनी फ़िल्म 'जाने तू या जाने न' के ज़रिए इमरान ख़ान ने बॉलीवुड में क़दम रखा था.

इमरान 'क़यामत से क़यामत तक' और 'जो जीता वही सिकंद'र जैसी फ़िल्मों में आमिर ख़ान के बचपन वाला रोल निभा चुके हैं.

डेली बेली

फ़िल्म 'डेली बेली' की सफलता के बारे में इमरान ख़ान ने कहा, "मैं जानता था कि इस तरह की फ़िल्म करने का मौक़ा मुझे जीवन में शायद एक या दो बार ही मिले."

फ़िल्म में अपशब्द और गालियों के प्रयोग के बारे में इमरान ने कहा, "हमें मालूम था कि जिस तरह की फ़िल्म हमने बनाई है उसे हर कोई तो पसंद नहीं करेगा और बहुत से लोगों को ये फ़िल्म पसंद नहीं आएगी - ऐसा ही हुआ. इंदौर और कोल्हापुर में कुछ ऐसे हादसे हुए हैं जिसमें फ़िल्म के प्रदर्शन को लेकर तोड़फोड़ हुई."

Image caption फ़िल्म 'डेली बेली' अच्छा बिज़नेस कर रही है

इमरान ख़ान को लगता है कि पिछले 10 साल हिंदी सिनेमा के लिए बेहद अच्छे और प्रगतिशील रहे हैं और बहुत सी नई तरह की प्रतिभा हिंदी सिनेमा में आई है.

उदाहरण के तौर पर इमरान ने कहा, "पहले लेखकों को इतना महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है. 'डेली बेली' के लेखक अक्षत वर्मा को भी बहुत पहचान मिली है."

इमरान ने बताया कि 'डेली बेली' का दूसरा भाग बनाने की फ़िलहाल कोई योजना नहीं है.

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