हिचकॉक की फ़िल्म की फ़ुटेज मिली

Image caption ''द व्हाइट शैडो'' 1923 में बनाई गई थी

मशहूर ब्रितानी फ़िल्म निर्देशक अल्फ़्रेड हिचकॉक की पहली फ़ीचर फ़िल्म के कुछ हिस्से न्यूज़ीलैंड के फ़िल्म संग्रहालय में पाए गए हैं.

हिचकॉक वर्ष 1923 में 24 साल के थे, जब ''द व्हाइट शैडो'' नाम की ये मूक फ़िल्म बनाई गई थी.

फ़िल्म की तीन रीलें कुछ अज्ञात अमरीकी नाइट्रेट प्रिंट्स के साथ मिली हैं, जिन्हें न्यूज़ीलैंड फ़िल्म संग्रहालय में 1989 में रखा गया था.

हिचकॉक इस फ़िल्म के लेखक, सहायक निर्देशक, संपादक और प्रोडक्शन डिज़ाइनर थे. इस फ़िल्म में क्लाइव ब्रुक और बेट्टी कॉम्पसन ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

बाद में उन्होंने 'साइको', 'द बर्ड्स', 'नॉर्थ बाइ नॉर्थवेस्ट' जैसी क्लासिक फ़िल्में बनाई थीं.

अल्फ़्रेड हिचकॉक का 1980 में निधन हो गया था.

महत्वपूर्ण खोज

नेशनल सोसायटी ऑफ़ फ़िल्म क्रिटिक्स के चेयरमैन डेविड स्टेरिट ने इस खोज को फ़िल्म इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना बताया है.

उन्होंने कहा, "इन पहली तीन रीलों से हिचकॉक की फ़िल्म निर्माण तकनीक की शुरुआती ख़ूबियों को समझने का मौक़ा मिलेगा.''

इस फ़िल्म में कॉम्पसन ने दो जुड़वा बहनों का किरदार निभाया है, जिनमें से एक बहन अच्छे स्वभाव की है जबकि दूसरी बुरे स्वभाव वाली.

न्यूज़ीलैंड के फिल्म संकलनकर्ता जैक मुर्ताग़ के परिजनों ने 1989 में उनकी मृत्यु के बाद फ़िल्म की अत्यंत ज्वलनशील प्रतियों को सुरक्षित रखने के लिए संग्रहालय को सौंप दिया था.

मुर्ताग़ के पौत्र टोनी ऑसबर्न कहते हैं, ''मेरे दादा बचपन से ही चीज़ों का संग्रह करना पसंद करते थे चाहे वो फ़िल्में हों, डाक टिकट हों, सिक्के या कोई और चीज़. उस समय कुछ लोग उन्हें सनकी समझते थे. लेकिन आज इन महत्वपूर्ण चीज़ों की खोज को जिस तरह महत्व दिया जा रहा है उसे देखकर वो बेहद खुश होते.''

अल्फ़्रेड हिचकॉक की पहली फ़िल्म की बाक़ी की तीन रीलें कहां हैं इसकी कोई कोई जानकारी नहीं. उसकी कोई और प्रति होगी ऐसी संभावना भी बहुत कम है.

''द व्हाइट शैडो'' की विलक्षण रीलों को अब वेलिंगटन के पार्क रोड पोस्ट प्रोडक्शन में रखा जाएगा.

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