फ़िल्म के प्रचार में ज़्यादा सहायक होगा संगीत

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सलमान ख़ान की नई फ़िल्म 'बॉडीगार्ड' इसी नाम की एक दक्षिण भारतीय एक्शन थ्रिलर फ़िल्म का रीमेक है. फ़िल्म में संगीतकार के तौर पर शुरुआत तो प्रीतम ने की थी, मगर बाद में ये ज़िम्मेदारी सलमान कैम्प के पुराने संगीतकार हिमेश रेशमिया को दे दी गई.

साउंडट्रैक में मुख्य चार गीत हैं जिसमें तीन की संगीत रचना हिमेश रेशमिया ने की है और एक गीत प्रीतम के नाम है. हिमेश रेशमिया की संगीत रचनाओं को बोल शब्बीर अहमद ने दिये हैं जबकि प्रीतम के गीत के बोल नीलेश मिश्रा के हैं. एलबम में इसके अलावा एक इन्स्ट्रुमेंटल थीम और सात रीमिक्स ट्रैक्स भी हैं.

फ़िल्म का शीर्षक गीत, गीत से ज्यादा फ़िल्म का प्रोमो लगता है. सलमान के संवाद और उनके किरदार के लिये लिखी गई पंच-लाइंस भी गीत में जोड़ दिये गये हैं. सलमान की हालिया सफ़ल फ़िल्मों में सड़क-छाप टपोरीनुमा गीत बहुत धूम मचाते नज़र आये हैं, ये शीर्षक गीत भी उसी की एक कड़ी है. 'रेडी' के 'धिंका चिका' सी शुरुआत के बाद गीत बहुत कुछ अनिल कपूर के टपोरी गीतों की याद दिलाता है, ख़ासकर राम लखन के शीर्षक गीत 'ए जी, ओ जी' की. सलमान के किरदार का परिचय देता ये गीत, उनके प्रशंसक वर्ग को ख़ासा पसंद आयेगा इसमें कोई शक़ नहीं है. मगर फिर भी सलमान के हालिया धूम धड़ाके वाले गीतों के मुक़ाबले ये गीत फीका सा लगता है.

हिमेश की अगली रचना 'देसी बीट्स' भी सामायिक संगीत की कसौटी पर एक चलताऊ सी रचना है. हिमेश ने पंचम के हिट गीत 'तुम क्या जानो मोहब्बत क्या है' के एक हिस्से को हुक बना कर एक लोकप्रिय रचना गढ़ने की कोशिश की है. भांगड़ा बीट्स और वाद्यों के शोर शराबे में ये गीत, ख़ासतौर पर डांस फ़्लोर्स और डिस्कोथेक्स के लिये बनाया गया लगता है और कुछ दिनों तक वहां धूम मचाने की क्षमता रखता है. गीत में मीका सिंह का साथ दिया है अमृता काक ने जिनका कैरियर अभी तक सलमान खान की फ़िल्मों के सहारे ही चल रहा है. गीत फ़िल्म के कथानक से कोई ताल्लुक नहीं रखता और इस दौर की किसी भी फ़िल्म में शामिल किया जा सकता है.

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एलबम में हिमेश की अगली रचना है राहत फ़तेह अली खान और श्रेया घोषाल के स्वरों में 'तेरी मेरी प्रेम कहानी'. हिमेश ने एक बड़ा सा कैनवास लेकर एक थीम प्रेम गीत रचने की कोशिश की है. राहत और श्रेया जैसे मंझे हुए गायकों के सहारे हिमेश गीत को सुनने लायक बनाने में सफ़ल हुए हैं. राहत फ़तेह अली भी आजकल सलमान की फ़िल्मों के एक स्थायी नाम बन गये हैं और उनकी फ़िल्मों में कम-से-कम एक गीत में एक 'लकी-मैस्कॉट' की तरह ज़रूर नज़र आते हैं. यहां भी इस गीत से शोर-शराबे वाले एलबम में कुछ राहत देते नज़र आते हैं.

'आई लव यू' संगीतकार प्रीतम की रचना है. ये हल्का-फुल्का सा प्रेम गीत है. प्रीतम ने वाद्यों के मुकाबले स्वरों पर ज़्यादा फ़ोकस किया है. एश किंग और क्लिंटन सेरेजो के स्वरों में मुख्य वर्शन ठीक-ठाक सा है. गीत का रिप्राइज़ वर्शन शान के स्वरों में है जिसे वो अपने अंदाज़ में एक अलग रंग देने में कुछ हद तक सफ़ल हुए हैं.

कुल मिला कर 'बॉडीगार्ड' का संगीत कुछ ख़ास पेश नहीं करता. गीत फ़िल्म के कथानक पर आधारित होने की बजाय, फ़िल्म के लिये प्रचार में सहायक की तरह ज़्यादा उपयोग में आयेंगे. फ़िल्म कितनी भी सफ़ल रहे, एक संगीत एलबम के तौर पर बहुत ज्यादा दिनों तक गाने याद नहीं रखे जायेंगे. हां, पर्दे पर गीतों में सलमान के जलवे उनके प्रशंसकों को थिरकाने में क़ामयाब हो सकते हैं और फ़िल्म की सफ़लता से हिमेश ज़रूर वापस 'सर्कुलेशन' में आ सकते हैं.

रेटिंग के लिहाज़ से बॉडीगार्ड के संगीत को 2/5 (पाँच मे से दो)

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