के. बालचंद्र को दादा साहेब फाल्‍के अवार्ड

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Image caption दादा साहेब फाल्‍के अवार्ड से सम्‍मानित के बालाचंदर ने अपने करियर में करीब 80 फिल्में बनाई हैं.

राष्‍ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 58वें राष्‍ट्रीय फ़िल्‍म पुरस्‍कार विजेताओं को शुक्रवार को सम्‍मानित किया. पुरस्कार वितरण समारोह में दिग्‍गज तमिल फ़िल्‍म निर्माता के. बालाचंदर को दादा साहेब फाल्‍के अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया.

दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन का फ़िल्मी करियर शुरू करने का श्रेय बालाचंदर को ही जाता है.

‘इरू कोडुगल’, ‘अपूर्वा रागांगल’ और ‘एक दूजे के लिए’ जैसी फ़िल्में बनाने वाले 81 वर्षीय लेखक, निर्देशक और निर्माता बालाचंदर ने अपने करियर में करीब 80 फिल्में बनाई हैं.

निर्माता अरबाज़ ख़ान, निर्देशक अभिनव कश्यप और सलमान ख़ान और नई अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्‍हा के अभिनय वाली फ़िल्‍म 'दबंग' को साल की संपूर्ण मनोरंजक फ़िल्‍म का अवॉर्ड मिला.

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Image caption निर्माता अरबाज़ ख़ान की फ़िल्‍म 'दबंग' को संपूर्ण मनोरंजक फ़िल्‍म का अवॉर्ड मिला.

फ़िल्‍म 'इश्क़िया' की झोली में चार पुरस्कार गए. विशाल भारद्वाज को इस फ़िल्‍म के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक और उनकी पत्‍नी रेखा भारद्वाज को इसी फ़िल्म के गीत ‘धीरे-धीरे जली रैना’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायिका का पुरस्कार मिला. 'इश्क़िया' को बेस्‍ट ऑडियोग्राफ़ी के लिए दो अवॉर्ड भी मिले.

एक दंपत्ति की मक्का में हज करने जाने की इच्छा पर बनी मलयालम फिल्म ‘अदामिंते माकन अबू’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (सलीम कुमार) का भी पुरस्कार मिला.

निर्देशक हबीब फ़ैसल को ऋषि कपूर और नीतू कपूर अभिनीत फ़िल्म ‘दो दूनी चार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म का पुरस्कार दिया गया.

गै़र-फ़ीचर फ़िल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार स्नेहल नायर की हिन्दी फिल्म ‘जुर्म’ को मिला.

खेलों पर बनी सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार ‘बाक्सिंग लेडीज़’ को मिला.

ज्यूरी का विशेष पुरस्कार शबनम वीरमानी की हिन्दी फ़िल्म ‘कबीरा खड़ा बाजार में’ को मिला.

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