'हम तुम शबाना' की संगीत समीक्षा

हम, तुम और शबाना इमेज कॉपीरइट PR Agency

हम तुम शबाना' आने वाली नई कॉमेडी फ़िल्म है जिसे 'भेजा फ़्राई' श्रृंखला के सागर बेल्लारी निर्देशित कर रहे हैं.

फ़िल्म की कहानी एक अनार दो बीमार के किरदारों की प्रेमकथा है. इस टैम्प्लेट पर बनी 'दीवाना मस्ताना’, 'कभी हां कभी ना’ और 'अंदाज़ अपना अपना’ जैसी कई मज़ेदार यादगार फ़िल्मों की याद आज भी दर्शकों के दिल में ताज़ा है.

फ़िल्म में संगीत दिया है तेजी से उभर रहे संगीतकारों की प्रतिभाशाली जोड़ी सचिन-जिगर ने, जिनकी 'फ़ालतू' और 'शोर इन द सिटी' का संगीत हाल ही में काफ़ी लोकप्रिय हुआ है. गीत समीर और मयूर पुरी ने लिखे हैं.

'म्यूज़िक बन्द ना करो’ एलबम की पहली प्रस्तुति है. ये एक थिरकाने वाला डांस गीत है जिस पर 'फ़ालतू' के गीत 'पार्टी’ की सफ़लता का हैंगओवर साफ़ दिखता है.

धुन सीधी सरल सी धुन है और लोकप्रिय होने का माद्दा रखती है. बोल भी ’चार बज गये’ से ही प्रभावित लगते हैं.

गायकों में अभिषेक नालीवल और अनुष्का मनचंदा के साथ एक नाम और है पॉप बैंड यूफ़ोरिया के गायक पलाश सेन का जो इन दिनों संगीत के सर्किट में ज्यादा सक्रिय नहीं हैं.

'हे ना ना ना शबाना’ राघव माथुर के स्वर मे अगला गीत है. एक ख़ुशनुमा गीत है. सचिन-जिगर का वाद्य संयोजन अच्छा है और इसकी धुन ऐसी है जो लोगों की ज़ुबान पर चढ़ेगी.

व्हिसलिंग भी गीत के असर को बढ़ाती है. हालंकि गीत का टैम्प्लेट पुराना सा है और कभी हाँ कभी ना के 'आना मेरे प्यार को’ (जतिन-ललित) की याद दिलाता है.

सचिन-जिगर के संगीत में रॉक के स्वर प्रधान रहते हैं. एलबम की अगली प्रस्तुति 'पिया केसरियो’ में उन्होनें रॉक के साथ लोक संगीत का फ़्यूजन किया है और देहाती स्वरों को आधुनिक वाद्य संयोजन का जामा पहना कर प्रस्तुत किया है.

अनुष्का मनचंदा ने गीत को अपनी दमदार गायकी से रंगने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और उनका अच्छा साथ दिया है जिगर ने. समीर को बोल भी ठीक ठाक हैं.

तोची रैना के स्वरों में 'कारी कारी’ आज के पंजाबी टैम्प्लेट पर आधारित मस्ती भरा गीत है.

नवीनता का अभाव है और बहुत ज्यादा असर नहीं छोड़ता ये गीत फिर भी इसकी कॉमिक टोन पंजाबी आईटम गीत सुनने वाले श्रोताओं को पसंद आ सकती है.

मीका और सुज़ैन डी मेलो के स्वरों में एक और गीत है 'थैन्क यू डी जे’. ये गाना 'चार बज गये’ और मीका के 'गनपत’ की याद दिलाता है. बहुत सीधी सपाट सी धुन है, नर्सरी राइम की संरचना है.

'हम तुम शबाना' में सचिन-जिगर अपनी प्रतिभा का पूरा परिचय नहीं दे पाए हैं. शायद ये फ़िल्म उनको उतने अवसर और चुनौती प्रदान नहीं करती. संगीत फ़िल्म के प्रचार मे ज़रूर सहायक होगा लेकिन फ़िल्म के प्रदर्शन के बाद इसे याद रखा जायेगा इसमें शक़ है.

रेटिंग- २.५/५ (पाँच में से ढाई).

संबंधित समाचार