'मामी' युवा फ़िल्मकारों के लिए एक अच्छा मौका:श्याम बेनेगल

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Image caption श्याम बेनेगल की फ़िल्में भी 'मामी' में दिखाई जा रही हैं.

अंकुर, मंथन और मंडी जैसी लीक से हटकर फ़िल्में बनाने वाले फ़िल्मकार श्याम बेनेगल कहते हैं कि मुंबई फ़िल्म फ़ेस्टिवल भारत के युवा फ़िल्मकारों को एक अच्छा मंच प्रदान करता है.

श्याम बेनेगल कहते हैं, ''ये फ़ेस्टिवल स्वतंत्र और युवा फ़िल्मकारों के लिए एक अच्छा मौका है, यहां वो अपनी फ़िल्में देश और दुनिया के डिसट्रीब्युटरों को दिखा सकते हैं. ये फ़ेस्टिवल व्यापार के लिहाज़ से भी बहुत बढ़िया है.''

श्याम बेनेगल मुंबई फ़िल्म फ़ेस्टिवल को मिल रही प्रतिक्रिया से भी बहुत ख़ुश हैं. वो कहते हैं, ''लोग 'मामी' को लेकर बहुत उत्साहित हैं. बस वो जल्दी से सिनेमाघर के अंदर घुस कर फ़िल्म देख लेना चाहते हैं. हम पिछले 13 वर्षों से इसी तरह की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहे थे.''

श्याम बेनेगल 'मामी' के अध्यक्ष होने के साथ साथ फ़ेस्टिवल में दिखाई जाने वाली फिल्मों के चयन की समिति में भी शामिल हैं.

'मामी' में फिल्मों के चुनाव को लेकर बेनेगल कहते हैं, ''हम चाहते थे कि इस बार इस समारोह में दुनिया की बेहतरीन फ़िल्में दिखाई जाएं और हम अपनी कोशिश में क़ामयाब भी हुए हैं, इस बार बर्लिन और कान अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोहों में पुरस्कार पाने वाली फ़िल्में भी ‘मामी’ में दिखाई जा रही हैं.''

साथ ही श्याम बेनेगल विश्व भर की बेहतरीन फ़िल्मों को ‘मामी’ में सम्मिलित करने का श्रेय इस फ़ेस्टिवल के डिरेक्टर श्रीनिवासन नारायण को देते हैं.

मुंबई फ़िल्म फ़ेस्टिवल 13 अक्तूबर को शुरू हुआ था और ये 20अक्तूबर तक चलेगा. इस दौरान यहां 60 देशों की 200 से अधिक फ़िल्में दिखाई जा रही हैं.

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