जैक्सन को प्रोपोफोल देना जायज़ थाः डॉक्टर

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Image caption फैसले से पहले एक टीवी साक्षातकार में कॉनराड मुर्रे ने कहा कि उन्होंने गायक को 'मामुली' मात्रा में ही दवा दी थी.

माइकल जैक्सन की ग़ैर इरादतन हत्या के दोषी ठहराए गए डॉक्टर कोनराड मरे ने उन्हें सुलाने के लिए प्रोपोफोल दवा देने को जायज़ ठहराया है.

फ़ैसले से पहले एक टीवी साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि उन्होंने पॉप गायक जैक्सन को 'बेहद मामूली' मात्रा में दवा दी थी.

एक जाँच में ये पाया गया था कि जून 2009 में माइकल जैक्सन की मौत प्रोपोफ़ोल की ज़्यादा मात्रा के चलते हुई थी.

जैक्सन के परिवार ने कहा कि एनबीसी टुडे पर दिखाए जाने वाले साक्षात्कार से मरे को 'दोष किसी और पर मढ़ने का मंच मिल गया है.'

गुरुवार और शुक्रवार को दो भागों में दिखाए जाने वाला साक्षात्कार एक वृत्तचित्र 'माइकल जैक्सन ऐंड दि डॉक्टरः ए फेटल फ्रेंडशिप' का हिस्सा है.

कार्यक्रम बनाने वालों ने मरे के साथ नवंबर 2009 में काम करना शुरु किया था. मुक़दमे के दौरान भी शूटिंग चलती रही.

मरे ने कहा, ''मेरे ख़्यालय से घर में प्रोपोफ़ोल देने की सलाह नहीं दी जाती. लेकिन इसे देना पूरी तरह निषेध नहीं है.''

मरे की 'लापरवाही'

अभियोजन पक्ष ने कहा था कि जैक्सन की मौत मरे की लापरवाही से हुई थी. उधर मरे ने कहा कि उनसे मिलने से पहले ही जैक्सन इस दवा का सेवन कर रहे थे.

मरे ने कहा कि उन्होंने जैक्सन को दवा देने के बारे में इसलिए नहीं बताया क्योंकि उसकी मात्रा बहुत कम थी.

उन्होंने कहा, ''25 ग्राम का कोई मतलब नहीं होता.''

ये पूछने पर कि उन्होने प्रोपोफोल को छोड़ कर बाकी सभी दवाओं का ज़िक्र किया था तो उन्होंने कहा, ''क्योंकि इसका कोई असर नहीं हुआ था. यह मामला था ही नहीं.''

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