पहले छप्पर फ़टा फिर पैसा मिला: सुशील कुमार

 सोमवार, 2 जनवरी, 2012 को 12:35 IST तक के समाचार
सुशील कुमार

आईएएस बनना चाहते हैं सुशील कुमार

कभी कभी कहावतें भी सच हो जाती हैं. ऐसा ही कुछ हुआ कौन बनेगा करोड़पति सीज़न 5 में पांच करोड़ रूपए जीतने वाले बिहार के सुशील कुमार के साथ भी.

'भगवान जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है' ये कहावत तो हम सब ने एक नहीं करोड़ों बार सुनी है. यही कहावत सच हुई सुशील के लिए.

बीबीसी के साथ एक खास बातचीत में सुशील ने इस कहावत के सच होने की कहानी कुछ यूं कही, ''कौन बनेगा करोड़पति में पांच करोड़ जीतने से दो तीन महीने पहले मेरे घर का छप्पर गिर गया थी और उसके बाद मैं जीत गया. मुझे लगता है भगवान पहले छप्पर फाड़ता है और फिर देता है. मेरे जीवन में तो ये कहावत 100 प्रतिशत सच हो गई. पहले छप्पर फटा फिर पैसा मिला.''

अब जब सुशील कुमार को उनकी पुरस्कार राशि मिल गई है तो क्या उस राशि में से कुछ पैसे खर्च किए हैं उन्होंने? सुशील कहते हैं, ''मुझे 3.5 करोड़ रूपए मिले हैं. इसमें से कुछ पैसों से मैंने अपना कर्जा चुकाया है.''

एक टीवी शो के ज़रिए करोड़ों जीतना कोई आम बात तो नहीं. क्या सुशील कुमार अब इस सच के साथ जीने लगे हैं कि वो एक करोड़पति हैं. सुशील कहते हैं करोड़पति बने अभी उन्हें ज़्यादा वक़्त नहीं हुआ है इसलिए इस बात पर उन्हें अभी भी यकीन नहीं होता कि वो करोड़पति हैं. साथ ही सुशील ये भी कहते हैं, ''धीरे धीरे इस बात का एहसास तो होने लगा है कि मैंने कुछ बड़ा किया है. अपनी बढ़ती लोकप्रियता देख कर लगने लगा है कि जीवन में कुछ बदलाव आया है.''

करोड़पति बनने से तो कई अच्छी बातें सुशील कुमार के साथ हो रही हैं, लेकिन कोई बुराई भी है क्या रातों-रात करोड़पति बन जाने में? जी हां है.

सुशील कहते हैं, ''पैसे मांगने वालों की संख्या बहुत ज़्यादा बढ़ गई है. जो कल तक मित्र थे और सहानुभूति दिखाते थे आज मुझसे बात नहीं कर रहे हैं. पता नहीं किस बात से नाराज़ है वो सब मुझसे अब मिलते भी नहीं है. वहीं नए लोग काफी मिल रहे हैं. थोड़ी ख़ुशी भी है थोडा दुःख भी है.''

बीबीसी को सुशील ने ये भी बताया कि हाल ही में एक टीवी कार्यक्रम में जब वो कौन बनेगा करोड़पति के होस्ट अमिताभ बच्चन से मिले तो अमिताभ बच्चन ने एक बड़ी ही मज़ेदार बात उनसे कही. सुशील बताते हैं, ''अमित जी बोले अरे सुशील तुम तो मोटे हो गए हो.''

तो क्या वाकई बढ़ गया है वज़न सुशील कुमार का और इस बढे़ हुए वज़न की कोई खास वजह?

इस सवाल का जवाब देते हुए सुशील कहते हैं, ''मैं मोटा नहीं हुआ हूं. पहले मैं बहुत ही दुबला था अब ज़रा ठीक हो गया हूं. पहले दिमाग में बेचैनी रहती थी, यही सोचता था कि अगर कहीं अच्छी सरकारी नौकरी नहीं मिली तो क्या होगा? अब मेरी शादी हो गई है कम पैसों में घर कैसे चलेगा? इन सब बातों की वजह से खाने-पीने पर भी ध्यान नहीं दे पाता था. अब आर्थिक तंगी दूर हो गई है. अब मेरा लक्ष्य एक अच्छी नौकरी पाने का है.''

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना या मनरेगा में बतौर कम्पूटर ऑपरेटर काम करते हैं सुशील. लेकिन क्या कौन बनेगा करोड़पति जीतने के बाद भी जा रहे हैं वो अपने दफ्तर?

सुशील कहते हैं, ''करोड़पति जीतने के बाद मेरी व्यस्तता बढ़ गई है. आए दिन दिल्ली, मुंबई आना जाना लगा रहता है. वैसे भी मैंने अपने दफ्तर में छुट्टी के लिए अर्जी दे दी है. लेकिन लगता है कि अब ये नौकरी लगभग छूट ही गई है.''

सुशील कुमार चाहते हैं कि वो भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर एक बड़े अधिकारी बने लेकिन आजकल उनका दिल पढ़ाई करने में लग नहीं रहा है. लेकिन ऐसा क्यों?

सुशील कहते हैं, ''एक सपना जो मैं पहले देखता था वो पीछे छूट गया है इसलिए मेरा पढ़ाई में दिल नहीं लग रहा है. पहले जब में पढ़ता था और कोई भी कठिन सवाल आता था, तो मैं सोचता था कि ये सवाल तो कौन बनेगा करोड़पति में भी पूछ सकते हैं, इसलिए उसका जवाब मुझे तुरंत याद हो जाता था. लेकिन अब तो मैं दोबारा 'हॉट सीट' पर नहीं बैठ पाऊंगा इसलिए अब मुझे पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है.''

साथ ही सुशील ये भी कहते हैं कि ऐसा नहीं है की आईएएस बनने का सपना उन्होंने छोड़ दिया है. वो कहते हैं कि एक दिन वो इस सपने को भी पूरा करके ही मानेंगे.

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