'मुझे शादियों में नाचना पसंद नहीं'

जॉन अब्राहम

प्रभावशाली व्यक्तियों के घर पर हो रही शादियों में कई फ़िल्मी सितारों के नाचने की ख़बरें मीडिया में आती रहती हैं.

ख़ुद शाहरुख़ ख़ान जैसे बड़े सितारे कथित तौर पर ये कबूल भी कर चुके हैं कि उन्हें ऐसा करने से कोई परहेज़ नहीं है. लेकिन अभिनेता जॉन अब्राहम को पैसों की ख़ातिर शादियों में नाचना ज़रा भी गवारा नहीं.

मुंबई में स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने संबंधी एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे जॉन ने कहा, "मुझे इतना पैसा नहीं चाहिए. शादियों में नाचना मुझे ज़रा भी पसंद नहीं है. इसके बजाए में ऐसे कार्यक्रम में आकर बच्चों के साथ वक़्त बिताना ज़्यादा पसंद करता हूं."

जॉन ने ये भी कहा उनके जैसे मिडिल क्लास से आए लोग समाज के लिए कुछ करने में ज़्यादा विश्वास रखते हैं, ना कि महंगी शादियों का हिस्सा बनने में जहां लोग फ़िज़ूलखर्ची करते हैं.

जॉन के मुताबिक़ भारत में लोग फ़िल्मी सितारों और क्रिकेटरों को काफ़ी पसंद करते हैं इसलिए दोनों को ही सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. बकौल जॉन, "मॉडल बनने से ज़्यादा ज़रूरी है रोल मॉडल बनना."

जॉन अब्राहम ने कहा कि अच्छी शिक्षा के लिए अच्छी आधारभूत सुविधाएं बहुत ज़रूरी हैं. उनके मुताबिक़ शिक्षकों को अच्छी तनख्वाह मिलनी भी ज़रूरी है तभी तो वो छोटी जगहों या गांवों में जाकर बच्चों को शिक्षित कर पाएंगे.

जॉन ने कहा कि पढ़े लिखे युवाओं को चाहिए कि वो राजनीति में आएं और अशिक्षित राजनेताओं को हटाएं ताकि देश के विकास हो सके.

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