फ़िल्में ठीक हैं, नौकरी कब कर रहे हो?

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अगर आपसे कोई पूछे की सफलता का पैमाना क्या होता है, तो आपका जवाब हो सकता है, नाम, पैसा या फिर शौहरत. लेकिन तमिल फ़िल्मों से शुरुआत कर हिन्दी फिल्मों में आने वाले अभिनेता आर माधवन की दादी के लिए सफलता का पैमाना है नौकरी.

बीबीसी से ख़ास बातचीत में आर माधवन ने बताया, " शुरुआत में मेरी दो तीन तमिल फ़िल्में हिट हो गई थी, मैं एक स्टार बन गया था. तब मैं अपनी दादी से मिलने पहुंचा, तो मेरी दादी ने कहा कि ये सब तो ठीक है लेकिन तुम सरकारी नौकरी कब कर रहे हो."

माधवन कहते हैं वो जिस मद्रासी परिवार से आते हैं वह सरकारी नौकरी की बहुत अहमियत है. और माना जाता है कि जब तक नौकरी ना मिले तब तक लड़के को विवाह के लायक नहीं माना जाता.

गौरतलब है कि आर माधवन ने तमिल फ़िल्मों में काम करने के बाद फ़िल्म 'रहना है तेरे दिल में' से हिन्दी फ़िल्मों में शुरुआत की थी और फ़िल्म थ्री इडियट्स और तनु वेड्स मनु में उनके अभिनय की ख़ूब तारीफ़ हुई थी.

माधवन बताते हैं कि उन्होंने अपनी दादी को बताया कि वो नौकरी में जितना कमा पाते उतने के करीब वो दो तीन फ़िल्मों में ही कमा चुके हैं तो भी दादी की नौकरी ना करने की टीस नहीं गई.

आर माधवन के दादाजी को भी ये स्वीकार करने में काफ़ी समय लगा कि माधवन कुछ अच्छा कर रहे हैं.

आर माधवन कहते हैं, "मेरे दादाजी को पेंशन के लिए डाकघर जाना पड़ता था. जब मैं स्टार हो गया तो दादाजी को पेंशन देने के लिए पोस्टमास्टर घर आने लगा. लोग उनको इज़्ज़त देने लगे तब जाकर उन्हे अहसास हुआ कि उनका पोता कुछ खास कर रहा है."

आर माधवन की फ़िल्म 'जोड़ी ब्रेक्रर्स' 24 फरवरी को रिलीज़ हो रही है जिसमें वो बिपाशा बसु के साथ नज़र आएंगे.

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