‘डर्टी पिक्चर’ से नहीं बदलेगा कुछ-बिपाशा

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अभिनेत्री बिपाशा बसु का कहना है कि महिला किरदार को ध्यान में रखकर बनाई गई फ़िल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ भले ही सफल रही हो लेकिन इस फ़िल्म से बॉलीवुड में वुमेन सेंट्रिक फ़िल्म बनने का कोई नया चलन शुरु नहीं होगा.

बिपाशा ने ये बात बीबीसी से हुई खास बातचीत के दौरान कही.

‘द डर्टी पिक्चर’ के बॉक्स ऑफ़िस पर सफल होने के बाद ये चर्चा जोरशोर से की जाने लगी हैं कि बॉलीवुड में महिलाओं को लेकर अब बड़े बजट की फ़िल्में बनने लगेंगी.

इस चर्चा पर बिपाशा कहती हैं, “बॉलीवुड में हमेशा से ही ये स्थिती रही है, जहां 80 प्रतिशत फ़िल्में परुष अभिनेताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं और 20 प्रतिशत फ़िल्में अभिनेत्रियों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है. बस फ़र्क इतना हैं कि आजकल द डर्टी पिक्चर की सफलता के बाद हम इस चलन पर ज़्यादा चर्चा करने लगें हैं.”

बिपाशा इस चलन को लेकर हो रही चर्चा की वजह भी गिनाती हैं,“ ‘द डर्टी पिक्चर’ ने इतना पैसा कमाया जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. इसी के बाद ये चर्चा शुरु हुई कि ये ट्रैड चेंज़ हो रहा है लेकिन सच्चाई ये हैं कि ऐसा कुछ नहीं हैं.”

बिपाशा ये मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि ‘द डर्टी पिक्चर’ की सफलता की वजह इस फ़िल्म का वुमेंन सेटिंक्र होना है, बिपाशा कहती हैं, “महिला के किरदार पर बुनी गई द डर्टी पिक्चर में एक अच्छी कहानी के अलावा कुछ बात और थी जो लोगों को आकर्षित कर सके.”

बिपाशा कहती हैं कि सच्चाई ये हैं कि महिलाओं को ध्यान में रखकर फ़िल्में बनती रही हैं, लेकिन इस तरह की फ़िल्मों के दर्शक बहुत कम होते हैं.

बिपाशा कहती हैं, “हमारे दर्शकों में जो महिलाएं हैं वो हीरो की फ़िल्म देखना चाहती हैं और जो मर्द हैं वो फ़िल्मों में अभिनेत्रियों को तो देखना तो चाहते हैं लेकिन वो वुमेन सेंट्रिक फ़िल्म नहीं देखना चाहते.”

बिपाशा बसु की फ़िल्म 'जोड़ी ब्रेक्रर्स' 24 फरवरी को रिलीज़ हो रही है जिसमें वो आर माधवन के साथ नज़र आएंगी.

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