क्या डरे हुए हैं सैफ़ अली ख़ान !

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Image caption 23 मार्च को रिलीज़ हुई फ़िल्म एजेंट विनोद.

सैफ़ अली ख़ान की महत्तवकांक्षी फ़िल्म एजेंट विनोद शुक्रवार को पर्दे पर आ ही गई.

फ़िल्म को दर्शकों की कैसी प्रतिक्रिया मिली ये जानने के लिए थोड़ा इंतज़ार करना होगा. लेकिन सैफ़, जो फिल्म के निर्माता भी हैं थोड़े से नर्वस लग रहे हैं और फ़िल्म की कामयाबी को लेकर उतने आश्वस्त नहीं लग रहे हैं.

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम कोशिश करेंगे कि अगली बार फ़िल्म बनाएं तो थोड़ा और पहले बना लें ताकि कुछ चुनिंदा लोगों को दिखाकर उनके विचार जान सकें. ताकि वो फ़िल्म की लंबाई या एडिटिंग को लेकर हमें कुछ सलाह दे सकें."

हालांकि सैफ़ ने ये भी कहा कि एजेंट विनोद वैसी ही बनी है जैसी वो बनाना चाहते थे. लेकिन उनके विचारों में विरोधाभास साफ़ झलक रहा था.

सैफ़ कहते हैं, "शायद हम अगली बार ऐसा कुछ बनाएं तो उसे और बेहतर तरीके से बनाएंगे."

सैफ़ अली खान ने ये भी कहा कि हालांकि उनकी ये फ़िल्म पूरी तरह से देसी है, लेकिन ये सिंगल स्क्रीन थिएटर को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है.

वो कहते हैं कि इस तरह की फ़िल्मों के हिट होने के लिए सिंगल स्क्रीन की कमाई में 30 प्रतिशत भागीदारी ही काफी होती है.

सैफ़ ने एजेंट विनोद को 3 डी में बदलने की संभावनाओं को भी नकार दिया. सैफ़ ने कहा कि वो 3 डी तकनीक के बहुत बड़े समर्थक नहीं है. उल्लेखनीय है कि बीते कुछ समय में रा.वन और डॉन 2 जैसी बड़ी फ़िल्में 3 डी तकनीक के साथ भी रिलीज़ हुई थीं.

फ़िल्म समीक्षक नम्रता जोशी भी 'एजेंट विनोद' से खास प्रभावित नहीं लगीं. उन्होंने कहा "ये इस साल की अब तक की सबसे ज़्यादा निराशाजनक फ़िल्म रही. कहानी काफ़ी उलझी हुई थी और ढेर सारे किरदार इसे काफ़ी दुविधापूर्ण बना रहे थे फ़िल्म में स्टाइल तो है, लेकिन इसके अलावा कहानी में दम नहीं है."

एजेंट विनोद एक जासूसी थ्रिलर फ़िल्म है, जिसमें सैफ़ अली ख़ान के अलावा करीना कपूर की भी मुख्य भूमिका है.

फ़िल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया है जो इससे पहले एक हसीना थी और जॉनी गद्दार जैसी सस्पेंस फ़िल्में बना चुके हैं, जिन्हें समीक्षकों की खासी वाहवाही भी मिली थी.

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