कैसा है जन्नत 2 का संगीत

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Image caption जन्नत 2 में प्रीतम का संगीत है

जन्नत-2, बॉलीवुड की फिल्म फैक्ट्री विशेष फिल्म्स की अगली प्रस्तुति है.

भट्ट बंधुओं के बैनर 'विशेष फिल्म्स' की एक खास बात रही है कि उनकी सफल फिल्मों के सीक्वल्स पहले संस्करण से बड़े हिट साबित हुए हैं.

राज-2 और मर्डर-2 की अत्प्रत्याशित कामयाबी के बाद अब जन्नत का सीक्वल जन्नत-2 हाजिर है.

फिल्म के नायक इमरान हाशमी हैं, जिनका एक अपना प्रशंसक वर्ग है जो उनकी फिल्मों का और उसके संगीत का बेसब्री से इंतजार करता है.

भट्ट कैम्प की फिल्मों में संगीत का एक खास टैम्प्लेट रहा है जो उनकी फिल्मों की सफलता में एक अहम भूमिका निभाता आया है और संगीतकार प्रीतम भी इमरान हाशमी के लिये इस टैम्प्लेट पर एक के बाद एक हिट एलबम प्रस्तुत करते आये हैं.

जन्नत-2 में भी संगीत प्रीतम का है और गीतों को बोल दिये हैं भट्ट कैम्प के एक और स्थापित नाम सईद क़ादरी ने.

संगीत के रिलीज से पहले ही जन्नत-2 का संगीत काफी चर्चा में रहा है. पाँच महीने पूर्व इंटरनेट पर इसके फेक संगीत एलबम ने भी काफी धूम मचाई थी और तब से इसका संगीत आने से पहले ही खबरों में बना रहा है.

'तू ही मेरा' शफखत अमानत अली के स्वरों में एलबम को एक ठीक ठाक सी शुरुआत देता है.

'तू ही मेरा मेरा' का हुक अच्छा बन पड़ा है. हालांकि प्रीतम की गीत संरचना यहां पर पी लूं (वन्स अपॉन अ टाइम) से प्रभावित लगती है.

शफकत एक अच्छी शुरुआत के बाद अंत में बहुत असर नहीं छोड़ते.

अभी हालिया में इश्क-सूफियाना किस्म के बहुत से प्लास्टिक-सूफी गीत आए हैं. ये गीत भी उसी की एक और कड़ी है. प्रीतम प्लास्टिक-सूफी गीतों में पारंगत हो चुके हैं और यहां भी एक लोकप्रिय रचना देने में कामयाब हुए हैं. प्रीतम और इमरान हाशमी के प्रशसंकों को निश्चित तौर पर पसंद आएगा ये गीत.

'तेरा दीदार हुआ' एलबम की एक अच्छी रचना है. राहत फतेह अली खान के स्वरों में प्रीतम ने कुछ नवीनता देने की कोशिश की और उनका वाद्य संयोजन और कोरस का उपयोग गीत में एक खुशनुमा माहौल बनाता है.

हालांकि राहत हाई नोट्स पर कहीं-कहीं अखरते हैं फिर भी अपने अंदाज में गीत को बखूबी निभा जाते हैं.

गीत जावेद अली के स्वरों में भी एक और संस्करण में भी है और जावेद अपनी गायकी से भी प्रभावित करते हैं. सईद कादरी के सरल से बोल भी गीत में अपना योगदान देते हैं.

'तुझे सोचता हूं' केके के स्वरों में एलबम की अगली प्रस्तुति है.

केके, इमरान हाशमी के लिये अब तक कई हिट गीतों को स्वर दे चुके हैं.

'तुझे सोचता हूं' इमरान हाशमी के लिये एक डिजाइनर रचना है और केके अपनी इंटेंस गायकी से असर छोड़ने में कामयाब रहे हैं.

प्रीतम के संयोजन में नयापन नहीं है और पुराने टैम्प्लेट का दोहराव है, फिर भी प्रीतम को अपने श्रोता वर्ग की नब्ज पर पकड़ है और निश्चित तौर पर इस गीत में भी लोकप्रिय होने की पूरी सम्भावना है.

गीत का एक संस्करण निखिल डी'सूजा के स्वरों में भी है, लेकिन उनकी गायकी एलबम का सबसे कमजोर पहलू है और केके के संस्करण के सामने उनका संस्करण फीका सा है.

रब का शुकराना, मोहित चौहान के स्वरों में प्रस्तुति है. एक ठीक-ठाक सा गीत है, नएपन के अभाव में बहुत असर नहीं छोड़ता. हालांकि एक और संस्करण में अनुपम अमोद अपने स्वरों से प्रभावित करते हैं.

'जन्नतें कहां' फ़िल्म का थीम गीत है. जन्नत में 'जरा जरा सा' के कोरस हुक को आधार बना के यहां गीत को रचा है. कोरस स्वर गीत को उर्जा देते हैं और केके की दमदार गायकी गीत को असरदार बनाने में सफल रही है.

कुल मिलाकर जन्नत-2 में प्रीतम ने कोई रिस्क लिए बिना अपने कामयाब टैम्प्लेट को ही दोहराया है.

संगीत पे 'भट्ट जॉनर' के रंग हावी हैं. सईद कादरी के बोल भी अभिनव तो नहीं हैं पर धुनों पर उनके शब्द फिट बैठते हैं लेकिन फिल्म के स्तर से ऊपर नहीं उठ पाते.

एलबम के स्वर पुरुष प्रधान हैं और महिला स्वरों की अनुपस्थिति अखरती है और इसे थोड़ा एकरस बनाती है.

गीतों में लोकप्रिय होने के सभी तत्त्व मौजूद हैं और फ़िल्म के टारगेट ऑडियंस को इसका संगीत निश्चित तौर पर पसंद आएगा.

फिर भी दोहराव के चलते जन्नत-२ का संगीत बहुत कुछ खास पेश नहीं करता.

रेटिंग के लिहाज़ से जन्नत-२ के संगीत को 2.5/5 (पाँच में से ढाई)

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