राष्ट्रीय पुरस्कार मेरे लिए बेहद खास: रेवती

रेवती

तीन दशकों के सफर में तीन राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने वाली अभिनेत्री और निर्देशक रेवती के लिए ये पुरस्कार बेहद खास स्थान रखता है. इस साल 59वें राष्ट्रीय पुरस्कारों में उन्हें उनकी निर्देशित लघु फिल्म रेड बिल्डिंग व्हेयर द सन सेट्स के लिए सम्मान मिला.

उन्होंने अपने करियर के हर दशक में एक-एक राष्ट्रीय पुरस्कार जीता.

बीबीसी से खास बात करते हुए रेवती ने अपनी खुशी बांटी. "मैं बहुत खुश हूं कि अपने फिल्मी करियर में मैंने अभिनेत्री के साथ-साथ एक निर्देशक के तौर पर भी राष्ट्रीय पुरस्कार जीता. ये मेरे लिए इसलिए बहुत अहम हैं क्योंकि पूरे देश से, हर प्रदेश की फिल्में आपके मुकाबले में होती हैं."

रेड बिल्डिंग व्हेयर द सन सेट्स एक ऐसी छोटे बच्चे की कहानी है जो अपने मां-बाप के झगड़ों की वजह से मानसिक तनाव का शिकार हो जाता है. फिल्म को पारिवारिक मूल्यों पर आधारित सर्वश्रेष्ठ गैर फीचर फिल्म श्रेणी में ये पुरस्कार मिला है.

रेवती को 1992 में तमिल फिल्म देवर मगन के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के तौर पर पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला.

साल 2002 में बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म मित्र-माय फ्रेंड को अंग्रेजी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला.

राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त फिल्मकार के रूप में स्थापित होने के बाद क्या रेवती की चाहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई फिल्म बनाने की है. ये पूछने पर रेवती बोलीं, "मैंने अभी निर्देशक के तौर पर ज्यादा फिल्में नहीं बनाई हैं. मैं और भारतीय फिल्में बनाना चाहती हों जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जा सके. क्योंकि मुझे लगता है कि भारतीय सभ्यता में इतना कुछ है जिसे समझाना बाकी है."

रेवती ने ये भी कहा कि वो चाहती हैं कि उनकी फिल्में महज फिल्म फेस्टीवल का हिस्सा ना होकर और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचे.

जब उनसे पूछा गया कि मौजूदा दौर के युवा फिल्म निर्देशकों से मिलने वाली चुनौती के सामने वो अपने आपको कैसे तैयार रख पाती हैं. तो रेवती ने कहा, "हमारी फिल्मों की कहानियों में ज्यादा अंतर नहीं आया है. हां फिल्मों में आ रहे तकनीकी बदलावों की जानकारी रखना बेहद जरूरी हो गया है. लोग अब सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए अपनी फिल्मों का प्रचार करते हैं. ये बहुत जबरदस्त बात है."

रेवती एक फिल्मकार होने की जिम्मेदारी बखूबी समझती हैं. वो कहती हैं, "फिल्में अपनी बात लोगों के सामने रखने का बहुत अच्छा माध्यम है. लेकिन ये बहुत जरूरी हैं कि हम अपनी फिल्मों में गलत बातों को सही बातों के तौर पर पेश ना करें."

रेवती ने 1983 में बतौर अभिनेत्री तमिल फिल्म मन वासनई से अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने तमिल के अलावा तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में भी काम किया.

उन्होंने सलमान खान, अभिषेक बच्चन और शिल्पा शेट्टी अभिनीत फिल्म फिर मिलेंगे का भी निर्देशन किया. रेवती ने फिल्म रामगोपाल वर्मा की फिल्म निश्बद में अमिताभ बच्चन की पत्नी की भूमिका भी निभाई है. इसके अलावा लव, रात, अब तक छप्पन, जैसी हिंदी फिल्में भी कीं.

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