साल में बस एक झगड़ा और दो फिल्में:शाहरुख

आईपीएल- 5 में कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत के बाद टीम के मालिक शाहरुख खान ने मीडिया से बात की. पेश हैं उस बातचीत के अंश शाहरुख खान की जुबानी .

मेरी टीम जरूर जीती है लेकिन मुझे ये बातचीत करने का कोई हक नहीं है, ये खिलाड़ियों की जीत है.

मैं ये कह सकता हूं कि कोलकाता नाइट राइडर्स को मेरी वजह से जमकर तारीफ और आलोचना झेलनी पड़ती है.

मेरी वजह से ही मेरे खिलाडियों को कुछ नकारात्मक बातें सुनने को मिली होगी जो उन्हें क्रिकेटर होने के नाते ना सुननी पड़ती.

मुझे खुशी इस बात कि है कि अब हमारे उपर से हार का बोझ उतर गया है और अब हम बिना दबाव के खेल सकेंगे.

मुझे नहीं लगता कि मेरे मैदान पर रहने से कोई फर्क पड़ता है. खेल में हार जीत होती ही रहती है, लेकिन जब टीम हारती थी तो मेरी कोशिश यही रहती थी कि मैं मैदान पर रहूं ताकि खिलाडियों को भरोसा दे सकूं हमें अपने खिलाड़ियों पर भरोसा है और हम उनके साथ हैं.

लोग अकसर कहते हैं कि मैं टीम के मामलों में बहुत दखलअंदाजी करता हूं लेकिन सच ये हैं कि मैं ये टीम के मामलों में कोई दखल नहीं देता. ये टीम खेल को जानने वाले चला रहे हैं.

मुझे डेक्कन चार्जर्स की मालकिन गायत्री और किंग्स इलेवन पंजाब की मालकिन प्रीति जिंटा बहुत अच्छी लगती हैं. क्योंकि वो हार या जीत को ध्यान में रखे बगैर अपनी टीम का हौसला बढ़ाती हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं हैं कि बाकी मालिक अपनी टीम का हौसला नहीं बढ़ाते.

Image caption कोलकाता का एक खेलप्रेमी कोलकाता नाईट राईडर्स की जीत परेड में खिलाड़ियों की एक झलक पाने को बिलबोर्ड पर चढ़ गया.

अगर मैं अब ये बात कहूंगा तो लोग कहेंगे कि मैं अपने होश में नहीं हूं, लेकिन ये सच है कि जब मेरी टीम जीती तो मुझे जिंदगी में पहली बार लगा कि अगर मैं उस बालकनी से कूद जाऊं तो मैं उड़ सकता हूं. मै इतना खुश था. मेरी बहन और मेरी बेटी ने मेरी टी शर्ट खींच कर मुझे रोका. मुझे बहुत बुरा लगा. अगर वो ऐसा ना करते तो मैं पहला इंसान होता जो उड़ सकता था. और ये पागलपन नहीं था ये मेरी खुशी थी.

मैं अकसर अपने बच्चों को कहता हूं कि अगर आप मेहनत करे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता, मेरे बच्चे जरूर सोचते रहे होंगे कि पापा जो कहते हैं वो सच नहीं हैं. क्योंकि हम पिछले पांच साल से मेहनत कर रहे थे लेकिन जीत नहीं पा रहे थे. आज मैं अपने बच्चों को गर्व के साथ कह सकता हूं कि देखा मैं ग़लत नहीं था.

पिछले दिनों मैंने अखबार में पढ़ा कि मैंने दर्शकों को जूता दिखाया लेकिन सच ये नहीं हैं. दरअसल जब मैं जीत के बाद दर्शकों के करीब गया तो एक खेलप्रेमी ने कहा कि आज आप फटी जींस पहनकर क्यों नहीं आए. उसके अनुसार मेरी फटी जींस मेरे लिए भाग्यशाली है.

मैंने उसे अपने पांव उठाकर दिखाया कि नीचे से मेरी जींस फटी हुई हैं और अगर तुम चाहते हो तो उसे और फाड़ दो और अखबार में छपा कि मैं दर्शकों को जूता दिखा रहा हूं.

मैं हमेशा दर्शकों के लिए काम कर सकता हूं और कभी मैं ये नहीं कर सकता.

Image caption ईडन गार्डन मैदान पर टीम मालिक शाहरुख खान और जूही चावला नाचकर अपनी खुशी का इज़हार करते हुए

एमसीए मामले में मुझे इस बात का दुख हैं कि मैंने अपने बच्चों के सामने गाली दी. हां मैं स्वीकार करता हूं कि कि मैं गालियां देता हूं. उस घटना को लेकर मैं एक बाप के नाते कई सफाई दे सकता हूं.लेकिन मेरे पास इस बात को लेकर कोई सफाई नहीं है कि मैंने अपने बच्चों के सामने गाली दी, अपने दर्शकों के सामने गाली दी.

वैसे बहुत से लोग मुझे युवाओं के लिए रोल मॉडल मानते हैं लेकिन मैं कई ऐसे काम करता हूं जिन्हे ठीक नहीं माना जाता. मैं रात भर सोता नहीं, कॉफी पीता हूं, रात को घमासान पार्टी करते हैं, मुझ पर कई केस हैं और मैं एक अभिनेता के तौर पर काम करता हूं,जिसे कई लोग अच्छा काम नहीं समझते .

अब मैंने एक बात का और फैसला किया है कि मैं अब साल में एक झगड़ा ही करुंगा, एक झगड़ा काफी है दो झगडे नहीं कर सकता. मैं दो फ़िल्म रिलीज़ करुंगा और एक झगड़ा करूंगा.

मजाक अगर छोड़ दे तो मैं कहना चाहूंगा कि इस विवाद के बाद मुझे बहुत शर्म आई. घर पर मेरी पत्नी और बच्चों ने मुझे समझाया. मुझे बड़ी शर्मिंदगी हुई कि मेरे बच्चे बड़े हो गए हैं और वो मुझे समझा रहे हैं कि मेरा बरताव अच्छा नहीं था.

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