'चटनी म्यूज़िक' से मिली प्रेरणा

 मंगलवार, 19 जून, 2012 को 05:19 IST तक के समाचार

गैंग ऑफ वासेपुर की अभिनेत्रियों हुमा क़ुरैशी (बाएं) और ऋचा चड्ढा (दाएं) के साथ संगीतकार स्नेहा खानवल्कर.

अनुराग कश्यप की बहुचर्चित फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर का संगीत देने वाली स्नेहा खानवल्कर भारतीय फिल्मी इतिहास की मात्र चौथी महिला संगीतकार हैं. उनसे पहले सिर्फ तीन और महिला संगीतकार रही हैं जिन्होंने फिल्मों में संगीत दिया. वो थीं जद्दन बाई (अभिनेत्री नरगिस दत्त की मां), सरस्वती देवी और ऊषा खन्ना.

बीबीसी से खास बातचीत में स्नेहा ने बताया कि वो इस तरफ ध्यान ही नहीं देतीं कि पुरुष संगीतकार की भीड़ में वो एक महिला संगीतकार हैं. वो कहती हैं, "मैं सिर्फ काम पर ध्यान देती हूं. मैंने तो ये सोचा ही नहीं था. जब किसी ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया, तब जाकर मैंने रिसर्च की तो पाया कि मैं भारतीय फिल्मी इतिहास की चौथी महिला संगीतकार हूं."

"जब गैंग ऑफ वासेपुर का प्रस्ताव मेरे पास गया, तो मैंने अनुराग से कहा कि मैं त्रिनिदाद जाना चाहती हूं. मैंने वहीं से इसके संगीत की प्रेरणा ली."

स्नेहा खानवल्कर, संगीतकार

स्नेहा ने बीबीसी को बताया कि गैंग ऑफ वासेपुर के संगीत के लिए उन्हें कहां से प्रेरणा मिली. स्नेहा कहती हैं, "जब अनुराग कश्यप ने ये फिल्म मुझे ऑफर की, तो उस वक्त मुझे बिहार और बिहारी लोक संगीत के बारे में जरा भी जानकारी नहीं थी. चूंकि फिल्म की पृष्ठभूमि बिहारी थी, इसलिए मैंने इसे एक चुनौती के रूप में लिया. मैं बतौर फिल्मकार अनुराग की काफी इज्जत करती हूं. एक वजह भी थी फिल्म स्वीकार करने की."

स्नेहा ने बताया कि बिहारी लोक संगीत के बारे में रिसर्च करते हुए उन्होंने पाया कि 19वीं शताब्दी में कैरेबियाई द्वीपों पर भारतीय लोगों को गुलामों के तौर पर ले जाया गया. उनमें से काफी लोग बिहार से थे. कालांतर में वो, वहीं बस गए और अपने साथ वो बिहारी लोक संगीत भी वहां ले गया, जो कैरेबियाई द्वीपों पर पनप गया.

वहां पर अब भी इस बिहारी लोक संगीत का जो रूप बजता है वो यहां भारत से विलुप्त हो गया. वो वहां पर कई ऐसे वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हैं, जो भारत में अब नहीं है. कैरेबियाई द्वीप पर प्रचलित इस भोजपुरी लोकसंगीत को 'चटनी म्यूजिक' कहा जाता है.

स्नेहा को ये संगीत काफी दिलचस्प लगा. स्नेहा कहती हैं, "जब गैंग ऑफ वासेपुर का प्रस्ताव मेरे पास गया, तो मैंने अनुराग से कहा कि मैं त्रिनिदाद जाना चाहती हूं. मैंने वहीं से इसके संगीत की प्रेरणा ली."

गैंग ऑफ वासेपुर दो भागों में बनी फिल्म है, जिसकी अवधि करीब साढ़े पांच घंटे हैं. इसमें 25 गाने हैं.

स्नेहा इससे पहले ओए लकी लकी ओए, लव, सेक्स और धोखा और भेजा फ्राए 2 जैसी फिल्मों का संगीत दे चुकी हैं.

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