ब्रूस ली पर बनी फिल्म, मिक्स्ड मार्शल आर्ट का 'जनक' बताया

ब्रूस ली इमेज कॉपीरइट Kobal Collectin
Image caption ब्रूस ली की फिल्में आज भी बड़े शौक से देखी जाती हैं.

मार्शल आर्ट की दुनिया की सुप्रसिद्ध हस्ती - ब्रूस ली की मौत के लगभग 40 साल बाद एक डॉक्यूमेंट्री में उन्हें एक स्टार, एक लड़ाका और एक दार्शनिक के तौर पर पेश किया गया है.

ये डॉक्यूमेंट्री उनकी बेटी शैनन ली ने बनाई है. ‘आई एम ब्रूस ली’ नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में उन्हें मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) का जनक बताया गया है.

एमएमए को अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) का सबसे लोकप्रिय स्वरूप माना जाता है. हालांकि क्रूरता को लेकर इसकी अक्सर आलोचना की जाती है. लेकिन ये बहुत ही लोकप्रिय है. इसीलिए एमएमए बॉक्सिंग को पछाड़ कर दुनिया का सबसे ज्यादा देखे जाने वाला खेल बन चुका है.

इस खेल के आविष्कार का श्रेय ब्राजील के ग्रेसी परिवार को दिया जाता है जिन्होंने 20वीं सदी में ब्राजीलियन जीयु जित्सु फाइट की स्थापना की.

किसको श्रेय

हालांकि ब्रूस ली की बेटी शैनन का कहना है कि जो फाइट दुनिया भर में प्रचलित हो और जिसके अलग अलग स्वरूप मौजूद हों, उसके आविष्कार का श्रेय किसी एक परिवार या एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता.

वो कहती हैं, “मैं अपने पिता के बारे में एक बात कहना चाहूंगी कि वो मार्शल आर्ट के परिपूर्ण लड़ाका होने, इससे दर्शन को जोड़ने और इसे सिखाने के बारे में अपने विचारों को बेलौस तरीके से रखते थे. हो सकता है कि उनसे पहले भी कुछ लोगों ने मार्शल आर्ट की एक या दो शैलियों को आपस में मिलाने के बारे में सोचा हो लेकिन उसे आम लोगों तक ले जाने का काम वास्तव में मेरे पिता ने किया.”

अगर ली ने लड़ने की शैलियों को मिलाया था तो उन्होंने इसमें भौतिकता और दार्शनिकता का भी संगम किया और ये सब उन्होंने एक युवा के तौर पर वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में जाना और सीखा.

एक बार उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, “जानते हैं, मैं अपने बारे में किस तरह सोचता हूं. एक इंसान होने के नाते .. आसमान के नीचे और स्वर्ग के नीचे पूरी दुनिया सिर्फ एक परिवार है.”

अगले साल ब्रूस ली को दुनिया छोड़े 40 साल पूरे हो जाएंगे. जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा तो उनकी उम्र 32 साल थी और वो दो बच्चों के पिता थे.

Image caption 'एंटर द ड्रैगन' ब्रूस ली की सबसे मशहूर फिल्म है जो उनकी मौत के बाद रिलीज हुई.

वैसे ये उनकी सबसे मशहूर फिल्म ‘एंटर द ड्रैगन’ की भी 40वीं वर्षगांठ होगी जो उनकी मौत के कुछ महीनों बाद रिलीज की गई थी और इससे ब्रूस ली का नाम पूरी दुनिया में फैल गया.

‘क्या खास था ब्रूस ली में’

दरअसल ब्रूस ली के छोटे से करियर और दर्दनाक अंत ने अन्य डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं को भी प्रेरित किया.

शैनन ली कहती हैं, “बहुत सी डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनी हैं. लेकिन इस फिल्म का विचार मुझे तभी आ गया था जब मैं एक छोटी बच्ची थी.”

अपनी डॉक्यूमेंट्री के बारे में शैनन बताती हैं, “ऐसी क्या महान बात थी मेरे पिता में, ये फिल्म यही दिखाती है. इसमें सिर्फ उनके बारे में बात करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि इसे देख कर आपको लगेगा कि वो खुद इसमें मौजूद हैं और देखने को वालों को बता रहे हैं कि उनके बार में क्या राय बनाई जाना चाहिए.”

अपनी मौत के चार दशक बाद भी ब्रूस ली का नाम एक साल में 50 लाख डॉलर का कारोबार करता है. हालांकि आज के दौर के दूसरे सितारों के मुकाबले में ये रकम कम लग सकती है.

शैनन कहती हैं कि 20वीं सदी के सबसे चमत्कारिक सितारों में से एक होने के बावजूद उनके पिता की फिल्में पायरेसी के कारण मात खा जाती हैं.

संबंधित समाचार