क्या गानों ने बनाया काका को सुपरस्टार?

 शुक्रवार, 20 जुलाई, 2012 को 16:14 IST तक के समाचार
राजेश खन्ना

फिल्म संगीत उन हिंदुस्तानी संगीत प्रेमियों के लिए वो उमंग और जज्बा है जिसे केवल भारतीय ही समझ सकते हैं.

बहुत ही कम देशों की फिल्मों में ऐसा होता है जहां नायक नायिका पर्दे पर गा रहे हों और उनके लिए कोई और प्लेबैक कर रहा हो.

राजेश खन्ना उस दौर में आए जब फिल्मों में नाटकीयता का ज़माना था. राजेश खन्ना अपना एक नया ताजगी भरा स्टाइल लेकर आए. लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं कि उनकी अपार लोकप्रियता में किशोर कुमार की आवाज़ का योगदान भी बहुत था. इसमें एस डी बर्मन, आर डी बर्मन, सलिल चौधरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जैसे संगीत निर्देशकों को भी श्रेय जाना चाहिए. कुल मिलाकर राजेश खन्ना के पर्दे पर गाए गीत उनकी कामयाबी की बड़ी वजह बने.

1969 में तीन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया. आराधना, दो रास्ते और खामोशी. तीनों अलग-अलग वजहों से हिट रहीं.

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आराधना की पटकथा बेहद नवीन थी और राजेश खन्ना का डबल रोल में होना भी लोगों में उत्सुकता पैदा कर गया. और इसका गीत मेरे सपनों की रानी तो अपार लोकप्रिय साबित हुआ वहीं एक दूसरा गीत रूप तेरा मस्ताना ने कामोत्तेजक संवेदना की नई मिसाल पेश की. इस गाने में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की केमेस्ट्री देखते ही बनती थी.

किशोर कुमार

राजेश खन्ना की अपार कामयाबी में किशोर कुमार के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

फिल्म खामोशी में किशोर कुमार का गाया गीत वो शाम कुछ अजीब थी, ये शाम भी अजीब है को किशोर कुमार ने कुछ इस दर्द से गाया और पर्दे पर राजेश खन्ना ने उसे कुछ ऐसे पेश किया कि कई लड़कियों को राजेश खन्ना से मानो मोहब्बत ही हो गई.

फिल्म दो रास्ते में उनकी जोड़ी मुमताज के साथ बड़ी प्रचलित हुई और फिल्म का गाना छुप गए तारे नजारे ओए क्या बात हो गई, बड़ा मशहूर रहा.

फिल्म आनंद में कैंसर के रोगी बने राजेश खन्ना जब मुकेश की आवाज में कहीं दूर जब दिन ढल जाए और मन्ना डे की आवाज में जिंदगी कैसी है पहेली हाय गाते हैं तो दर्शक को बरबस ही उनसे प्यार और सहानुभूति दोनों हो जाती है.

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फिल्म सफर में जब उन्होंने जीवन से भरी तेरी आंखें और जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर पर्दे पर किशोर की आवाज में गाया, तो उनके मनोभाव और किशोर की आवाज का करुण रस दर्शकों को रुला गया.

फिल्म अमर प्रेम में आर डी बर्मन के बेहतरीन संगीत से सजे, आनंद बक्शी के शब्दों में कुछ तो लोग कहेंगे और चिंगारी कोई भड़के समाज की परिस्थितियों को बखूबी दर्शा गए. ये गीत फिल्म की कहानी को भी आगे बढ़ाते हैं.

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आशा पारिख और राजेश खन्ना पर फिल्माया फिल्म आन मिलो सजना का गीत अच्छा तो हम चलते हैं, शायद ही कोई हिंदी फिल्म संगीत प्रेमी ना गुनगुनाता हो. गाने के बोल रोजमर्रा की जिंदगी की सोच और चंचलता को दर्शाता था. इस गाने ने राजेश खन्ना की लोकप्रियता में और भी इजाफा कर दिया.

फिल्म दुश्मन में एक साधारण ट्रक ड्राइवर की भूमिका में थे राजेश खन्ना. उनके इस किरदार में चार चांद लगाए किशोर कुमार के गाए गीत वादा तेरा वादा ने.

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आपकी कसम एक दर्द भरी कहानी थी. इसके सभी गीत बेहद लोकप्रिय रहे. जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम, करवटें बदलते रहे..बोल और संगीत दोनों ही बेमिसाल थे और बेहद कामयाब रहे.

फिल्म महबूबा का शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीत मेरे नैना सावन भादों लता मंगेशकर और किशोर कुमार दोनों की ही आवाज में आया. लेकिन किशोर कुमार वाला संस्करण ज्यादा प्रसिद्ध रहा.

ऐसा ही दर्द से भरा गीत फिल्म कुदरत में था. हमें तुमसे प्यार कितना, ये हम नहीं जानते. किशोर कुमार की आवाज में गाया ये गीत आज भी लोग उतनी ही शिद्दत से सुनते हैं जितना फिल्म की रिलीज के वक्त सुनते थे.

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