लगी है भीड़ राजेश खन्ना को चाहने वालों की

सुपर स्टार राजेश खन्ना का देहांत पिछले बुधवार को हुआ था लेकिन अब भी उनके घर के सामने श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है.

रविवार की रात बारह बजे राजेश खन्ना के घर के सामने कई लोग उनकी तस्वीरों की तस्वीर उतार रहे थे. आम लोगों के अलावा फिल्म जगत के लोग अब भी उनके घर आ-जा रहे हैं.

उनके घर के सामने पुलिस का पहरा लगा हुआ है और पुलिस यहां आने वालों से अपनी गाड़ी रोकने से मना कर रहे हैं.

मुकेश पांड्या अपने परिवार के साथ बोरीवेली से बांद्रा आए हैं ताकि राजेश खन्ना के घर के सामने उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें. वो राजेश खन्ना के घर की तस्वीर ले रहे हैं.

उन्होंने कहा, "मैं उनकी फिल्मों का दीवाना हूं. मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं, यहां आकर देखा कि हमारी तरह और लोग भी उन्हें श्रद्धांजलि देने आये हैं. मुझे बहुत अच्छा लगा."

नौशाद का घर

बांद्रा में कार्टर रोड पर उनकी कोठी 'आशीर्वाद' स्वर्गीय संगीतकार नौशाद के घर के बगल में है.

आशीर्वाद के बाहरी हिस्से को राजेश खन्ना के जवानी के दिनों की तस्वीरों से सजाया गया है. उस बाहरी हिस्से पर हाल की केवल एक तस्वीर लगी है. कोठी की दीवार के बाहर उनकी एक तस्वीर पर फूलों की माला चढ़ी है.

तस्वीर के नीचे एक पुस्तिका रखी है जिसमें लोग राजेश खन्ना को श्रद्धांजलि देने के लिए संदेश लिख रहे हैं.

बांद्रा के चौराहों और अन्य कई इमारतों पर राजेश खन्ना की तस्वीरें लगा दी गई हैं.

हमने पिछले कुछ सालों में सुनील दत, नौशाद और शम्मी कपूर के देहांत पर प्रतिक्रियाएं सुनी हैं. साथ ही, उनके निधन के बाद का माहौल भी देखा है. लेकिन राजेश खन्ना के निधन के बाद जिस तरह लोग शोक मना रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं देखा.

यादों में जिंदा

Image caption घर के बाहर लगी तस्वीर पर लोग माला पहना रहे हैं

और ये उस वक्त की बात है जब वो पब्लिक लाईफ से 20 सालों से अलग-थलग रह रहे थे.

बांद्रा की रहने वाली पायल की उम्र 20 साल से कम की लग रही थी. मैंने उनसे पूछा कि आप बारह बजे रात में राजेश खन्ना के घर के बाहर क्या कर रही हैं? उन्होंने फौरन जवाब दिया, “मेरी मां शोक में है. वो राजेश खन्ना की बड़ी फैन थीं. मैंने सोचा माँ की तरफ से राजेश खन्ना को श्रद्धांजलि देने यहां आऊं. वैसे भी मैं यहाँ से करीब ही रहती हूँ."

एक साहब राजेश खन्ना के माला वाली तस्वीर के सामने फोटो खिंचवा रहे थे, मुझसे कहने लगे, "मैं इधर से कई बार गुजरा हूँ, लेकिन पहले कभी नहीं सोचा कि इतनी बड़ी हस्ती एक दिन हमारे बीच नहीं रहेगी."

जब राजेश खन्ना जीवित थे तो ‘आशीर्वाद’ के सामने मैंने कभी ऐसी भीड़ नहीं देखी जैसी भीड़ सलमान खान या शाहरुख खान के घर के बाहर अक्सर देखने को मिलती है. लेकिन उनकी मृत्यु के बाद उनके घर के सामने लोगों की भीड़ आज भी कई दिनों के बाद इकठ्ठी है.

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