कितनी मीठी होगी रणबीर कपूर की 'बर्फी'

 शुक्रवार, 7 सितंबर, 2012 को 08:04 IST तक के समाचार
रणबीर कपूर

बर्फी में रणबीर के साथ प्रियंका चोपड़ा और इलियाना डी क्रूज़ भी हैं

रणबीर कपूर की आनेवाली फिल्म बर्फी उनकी अब तक की फिल्मों से ज़रा हटकर है. फिल्म में रणबीर एक ऐसा किरदार निभा रहे हैं जो न तो बोल सकता है और न ही सुन सकता है.

बीबीसी एशियन नेटवर्क से की एक खास बातचीत में रणबीर ने कहा कि बतौर कलाकार वो अपनी ज़िम्मेदार से वाकिफ है और फिल्म में उन्होंने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों का मजाक उड़ाने की कोई कोशिश नहीं की है.

वो कहते हैं, ''फिल्म में हमने किसी का मजाक नहीं उड़ाया है. शारीरिक रूप से अक्षम लोग भी आम तरीके से अपना जीवन बिता सकते हैं. ऐसा नहीं है कि विकलांगता के कारण इन लोगों के जीवन में बस दुःख ही दुःख है. इनके जीवन में भी खुशियाँ हैं. हो सकता है कि ये लोग साधारण लोगों से ज्यादा बेहतर तरीके से अपना जीवन बिताते हों. फिल्म में हमें यही दिखने की कोशिश की है.''

बर्फी को एक 'फील गुड' फिल्म बताते हुए रणबीर कहते हैं, ''ये एक 'सन-शाइन' फिल्म है. ये एक खुशनुमा फिल्म है. ये एक ऐसी फिल्म है जिसका मजा आप अपने पूरे परिवार के साथ बैठ कर ले सकते हैं. जब आप फिल्म देख कर घर लौटेंगे तो ज़रूर आपके चेहरे पर एक हसी होगी. ज़िंदगी के प्रति, प्यार के प्रति और लोगों के प्रति आपका नजरिया भी बदल सकता है.''

मुश्किल

संवाद हिंदी फिल्मों का एक ज़रूरी हिस्सा हैं. ऐसे में एक ऐसा रोल निभाना जो बोल सुन नहीं सकता रणबीर के लिए कितना मुश्किल था?

रणबीर कपूर

रणबीर ने फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत 2007 में सांवरिया के साथ की थी.

रणबीर कहते हैं, ''मेरे लिए ये रोल निभाना बहुत मुश्किल था. हमें तो आदत है अपनी हर बात को शब्दों में बयान करने की. हर इमोशन को कह कर या गा कर जताने की. ये तो फिल्म ही एक ऐसे किरदार के बारे में है जो बोल सुन नहीं सकता. ऐसे में थोड़ी मुश्किल तो हो ही जाती है. पर मैं ये भी कहना चाहूंगा कि यही बात इस फिल्म की खूबसूरती भी है.''

बर्फी के निर्देशक अनुराग बसु ने फिल्म को 70 के दशक पर आधारित किया है. 70 का दशक ही क्यों, इसके पीछे क्या कोई खास वजह थी?

रणबीर कहते हैं, ''अनुराग जो कहानी कहने की कोशिश कर रहे हैं वो हकीकत और कल्पना के बीच की है. अनुराग अपनी कहानी को असल दुनिया में स्थापित तो करना चाहते थे, साथ ही वो ये भी चाहते थे कि ये दुनिया ऐसी हो जहाँ मेरा और प्रियंका चोपड़ा का किरदार भी फिट बैठता हो. फिल्म में प्रियंका एक 'ऑटिस्टिक' लड़की की भूमिका में हैं.''

अपनी बात को पूरा करते हुए रणबीर कहते हैं, ''अगर आप दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों की बात करें तो आज के वक़्त में ये शहर बहुत आगे निकल गए हैं. लेकिन 70 के दशक में लोगों में एक सादापन था. लोग अपनी संस्कृति में रचे-बसे थे. उस समय की प्रेम कहानियों में एक अलग बात होती थी. मुझे लगता है बर्फी की कहानी को एक ऐसे ही परिवेश में पेश किया जा सकता था.''

बर्फी 14 सितंबर को रिलीज़ हो रही है. फिल्म में रणबीर कपूर के साथ साथ प्रियंका चोपड़ा और इलियाना डी क्रूज़ भी हैं.

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