राजनीति ने सिखाया समाज सेवा का पाठ: हेमा मालिनी

  • 20 सितंबर 2012
हेमा मालिनी
Image caption हेमा मालिनी शिक्षा की बेहतरी के काम में लगे एक एनजीओ से जुड़ी हैं.

अभिनेत्री और राज्य सभा सांसद हेमा मालिनी मानती हैं कि समाज सेवा के बारे में उनकी सोच राजनीति में आने के बाद बनी.

लंदन में बीबीसी से खास बातचीत करते हुए हेमा मालिनी कहती हैं, "मैं जब तक सिर्फ अभिनेत्री थी, तब तक मैं देश के लोगों के बारे में ज्यादा नहीं जानती थी. मेरा उनसे जुड़ने का जरिया सिर्फ सिनेमा था. फिर जब मैं राजनीति में आई तब देश को यहां के लोगों को करीब से जानने का मौका. तब मैंने समाज सेवा की अहमियत समझी."

हेमा मालिनी को यहां 12वें सालाना एशियाई अचीवर्स अवॉर्ड में 'साल की सबसे महत्तवपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हस्ती' का सम्मान दिया गया.

हेमा मालिनी को एक एनजीओ सर्वम ट्रस्ट से जुड़े होने पर ये सम्मान दिया गया. ये संस्था भारत के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की बेहतरी के लिए काम करती है.

जब हेमा मालिनी से पूछा गया कि उनकी जैसी हस्ती का समाज सेवा से जुड़ना कितना अहम है तो वो बोलीं, "हर सेलेब्रिटी समाजसेवा से जुड़े ऐसा जरूरी तो नहीं. इसके लिए आपमें वो जज्बा वो जुनून होना चाहिए. राजनीति में रहने के दौरान में भारत के दूर दराज के इलाकों में गई. तब जाकर मुझे अहसास हुआ कि मेरे देश के लोगों के लिए बहुत कुछ दिए जाने की जरूरत है."

फिल्मी करियर की बात करें तो वो फिलहाल सक्रिय नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि बतौर अभिनेत्री वो कब दिखने वाली हैं, तो उन्होंने कहा, "जैसे ही कोई अच्छी स्क्रिप्ट मिलेगी मैं जरूर फिल्म करना चाहूंगी."

हेमा मालिनी की पिछले साल बतौर निर्देशक फिल्म टैल मी ओ खुदा रिलीज हुई थी. जिसमें उनकी बेटी ईशा देओल ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

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