एक विदेशी बाला के भारतीय सपने

 सोमवार, 1 अक्तूबर, 2012 को 04:20 IST तक के समाचार
एमी जैक्सन

एमी जैक्सन को भारतीय फिल्मों में काम करना पसंद आ रहा है.

ब्रिटेन में लिवरपूल की रहने वाली एमी जैक्सन ने न कभी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है और न ही भारत दर्शन, लेकिन इंटरनेट पर एक भारतीय निर्देशक को वो इतनी भा गईं कि लिवरपूल से सीधे उनका ‘गृहप्रवेश’ बॉलीवुड में हुआ.

अब वो मुंबई में हैं और भारत की ‘वोग’ पत्रिका के पहले पन्ने पर जगह पा चुकी हैं. जिस वक्त भारत से 4500 किलोमीटर दूर सात समंदर पार उन्हें फिल्म का ऑफर मिला वो एक किशोरी थीं जिसने मौज-मस्ती के अलावा जीवन के बारे में कुछ नहीं सोचा था.

तमिल फिल्मों के निर्देशक एएल विजय ने फिल्म ‘मदरासापट्टिनम’ में उन्हें एक अंग्रेज़ गवर्नर की बेटी का किरदार दिया. फिल्म की पृष्ठभूमि 1947 में भारत के आज़ादी आंदोलन की है.

बॉलीवुड का स्वाद

बॉलीवुड से ब्रेक लेकर कुछ समय के लिए लंदन स्थित अपने घर पहुंची एमी कहती हैं, ''फिल्म के निर्देशक ने मुझसे कहा कि मैं फिल्म के उस किरदार के लिए बेहद सटीक हूं.'' इस बातचीत के दौरान मैंने गौर किया कि उनकी अंग्रेज़ी में अब भारतीय भाषाओं की लय घुल गई है.

"फिल्म के निर्देशक ने मुझसे कहा कि मैं फिल्म के उस किरदार के लिए बेहद सटीक हूं."

एमी जैक्सन, फिल्म अभिनेत्री

वो आगे कहती हैं, ''ये फिल्म 2010 की सबसे हिट फिल्मों में से रही, इसलिए मेरे पास काम के कई और प्रस्ताव भी आए. मैंने कभी किसी चीज़ की उम्मीद नहीं की लेकिन बात बनती गई.''

यूं तो एमी एक विदेशी अभिनेत्री हैं लेकिन उनके काले बाल भारत में उनके लिए अभिनय की दुनिया के द्वार खोल देते हैं. 'एक दीवाना था' उनकी पहली हिंदी फिल्म है जिसमें उन्हें न सिर्फ एक भारतीय लड़की का किरदार मिला बल्कि उन्होंने बॉलीवुड की रोमांस भरी फिल्मों का स्वाद भी चखा.

इस फिल्म में उनके संवाद एक हिंदी अभिनेत्री ने डब किए थे. हालांकि एमी इन दिनों तीन भारतीय भाषाएं सीखने में जुटी हैं ताकि आने वाली फिल्मों में अपने संवाद खुद बोल सकें.

एमी कहती हैं, ''ये एक मुश्किल काम है क्योंकि मुझे हर हाल में अपना उच्चारण सुधारना होगा. हिंदी की बोलचाल और उसके वाक्य अंग्रेज़ी से बिलकुल अलग हैं इसलिए काफी मेहनत करनी होगी.''

विदेश अभिनेत्रियों की आलोचना

"मुझे इस बात में कोई एतराज़ नहीं कि एक विदेशी अभिनेत्री भारतीय फिल्म में एक विदेशी का किरदार निभाए लेकिन उन्हें एक पंजाबी या भारतीय लकड़ी के रुप में पेश करना भारतीय महिलाओं को नीचा दिखाने की तरह है."

निर्देशक अभिषेक

टॉलीवुड, कॉलीवुड और बॉलीवुड में सफलता के बावजूद एमी के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं है. भारतीय फिल्मों में विदेशी अभिनेत्रियों को दी जा रही भूमिकाओं पर कई सवाल उठाए जाते रहे हैं.

इस मामले पर खुलकर बोलते रहे निर्देशक अभिषेक कहते हैं, ''मुझे इस बात में कोई एतराज़ नहीं कि एक विदेशी अभिनेत्री भारतीय फिल्म में एक विदेशी का किरदार निभाए लेकिन उन्हें एक पंजाबी या भारतीय लकड़ी के रुप में पेश करना भारतीय महिलाओं को नीचा दिखाने की तरह है.''

हालांकि एमी ने बॉलीवुड की अदाएं अब पूरी तरह सीख ली हैं. हर सवाल के जवाब में वो कहती हैं कि हिंदी फिल्मों में अच्छा काम करना ही अब उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है लेकिन अच्छी भूमिकाएं मिलें तो वो हॉलीवुड की राह भी चल सकती हैं.

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