राजेश खन्ना की आखिरी फिल्म

 सोमवार, 1 अक्तूबर, 2012 को 12:10 IST तक के समाचार
राजेश खन्ना

राजेश खन्ना के प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर ये है कि उनकी आखिरी फिल्म इस साल के अंत तक रिलीज होगी. फिल्म का नाम है 'रियासत' जिसमें राजेश खन्ना ने एक अंडरवर्ल्ड डॉन की भूमिका अदा की है.

ये फिल्म काका के जन्मदिन 29 दिसंबर से एक दिन पहले रिलीज होगी.

फिल्म के निर्देशक अशोक त्यागी ने बीबीसी से खास बात करते हुए ये भी बताया कि राजेश खन्ना ने फिल्म की टीम के पास अपना लिखा एक खत भी छोड़ा है और उन्होंने फिल्म यूनिट से कहा था कि इस खत को फिल्म की रिलीज के वक्त ही खोला जाए.

अशोक त्यागी ने बताया कि खत में उन्होंने जो भी लिखा है उसे सार्वजनिक किया जाएगा.

फिल्म की शूटिंग फरवरी 2011 में शुरु हुई थी और करीब छह महीने में राजेश खन्ना का हिस्सा शूट किया गया था.

"राजेश खन्ना के बीमार और कमजोर पड़ने से पहले हमने ये शूटिंग की थी. वो फिल्म में काफी हैंडसम नजर आएंगे. ये हमारी तरफ से उस महान सुपरस्टार को एक छोटी सी श्रद्धांजलि है."

गॉडफ़ादर से प्रेरित

"भगवान उनके जैसी कामयाबी किसी को ना दे अगर उसे उनके जैसी नाकामयाबी भी बख्शनी हो तो"

अशोक त्यागी, फिल्म रियासत के निर्देशक

अशोक त्यागी ने ये भी बताया कि फिल्म का प्लॉट 'गॉडफादर' से प्रेरित है. और चूंकि राजेश खन्ना 70 के दौर के सुपरस्टार थे इसलिए उन्होंने फिल्म में लोगों को उसी दौर की झलक भी मिलेगी.

शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना के साथ बिताए लम्हों को याद करते हुए अशोक त्यागी कहते हैं, "उन्हें बहुत शराब पीने की आदत थी, लेकिन शूटिंग के दौरान वो शराब को हाथ भी नहीं लगाते थे. लेकिन हां, जैसे ही वक्त मिलता वो शुरू हो जाते. अत्याधिक शराब की वजह से ही वो हमसे दूर चले गए. लेकिन इसके जिम्मेदार हम सब फिल्म वाले लोग ही हैं."

अशोक के मुताबिक राजेश खन्ना ने बेहद कामयाबी का दौर देखा है लेकिन उसके बाद मिली असफलता के दर्द से भी वो उबर नहीं पाए थे.

वो कहते हैं, "मुझे उनमें वो दर्द नजर आता था. लेकिन बॉलीवुड ने उन्हें दूसरा मौका नहीं दिया, जैसे अमिताभ बच्चन को फिल्म मोहब्बतें के जरिए मिला था."

अशोक का मानना है कि अगर राजेश खन्ना को भी कमबैक करने का मौका मिला होता, तो आज वो जिंदा होते. फिर हमारे पास अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना के तौर पर दो सीनियर सुपरस्टार होते.

वो कहते हैं, "हम उन्हें दोबारा एक फिल्म में लाने का प्रयास भी कर सकते थे. काका का निधन हम सबके लिए बहुत बड़ी क्षति है."

अशोक त्यागी अपनी बात को कुछ यूं खत्म करते हैं, "भगवान उनके जैसी कामयाबी किसी को ना दे अगर उसे उनके जैसी नाकामयाबी भी बख्शनी हो तो."

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