बीबीसी पाठकों ने याद किए अमिताभ के डायलॉग

 गुरुवार, 11 अक्तूबर, 2012 को 17:51 IST तक के समाचार
अमिताभ बच्चन

सत्तर की उम्र में भी क्लिक करें अमिताभ बच्चन किसी सुपरस्टार से कम नहीं हैं. उनके बोले हुए डायलॉग आज भी लोगों की ज़बान पर हैं. उनकी फिल्में अभी भी अत्यंत लोकप्रिय हैं.

उनके जन्मदिन के मौके पर बीबीसी ने अपने पाठकों से फेसबुक पर पूछा कि अमिताभ का कौन सा डायलॉग उन्हें अभी भी याद है.

बदले में सौ से अधिक टिप्पणियां मिलीं जिसमें लोगों ने न केवल अपने पसंदीदा डायलॉग बताए बल्कि फिल्मों ने नाम भी लिखे और अमिताभ को जन्मदिन की बधाईयां भी दीं.

अमि मोहम्मद सांध को दीवार फिल्म का डायलॉग सबसे पसंद है जिसमें अमिताभ ने कहा था, मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता.

सुनील बीएम सिंह को भी दीवार फिल्म का ही एक डायलॉग पसंद हैं- हम जहां खड़े होते हैं लाइन वहीं से शुरु होती है.

दीवार की स्क्रिप्ट सलीम जावेद ने लिखी थी. ज़ाहिर है ये डायलॉग भी उनके हैं, लेकिन अमिताभ के अंदाज़ ने इन संवादों को अमर कर दिया है.

'तुम्हारा नाम क्या है बसंती'

दीवार का एक और डायलॉग जो हमारे कई पाठकों को पसंद आया है वो है- मेरे पास पैसा है गाड़ी है बंगला है तुम्हारे पास क्या है.

अमिताभ की फिल्म त्रिशूल का वो डायलॉग भारत सिंह को पसंद आया है जहां वो कहते हैं- मिस्टर आर के गुप्ता मैं पांच लाख का सौदा करने आया हूं और मेरे पास फूटी कौड़ी भी नहीं हैं.

नीरज कुमार को भी दीवार का ही डायलॉग पसंद आया है जहां अमिताभ कहते हैं कि हां, मैं साइन करूंगा लेकिन पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरे हाथ पर लिख दिया कि मेरा बाप चोर है.

कृपाल सिंह नेगी को भी इसी फिल्म का डायलॉग पसंद है- रहीम चाचा, कह देना कि आज एक और कुली हफ्ता नहीं देगा.

संदीप सिंह यादव और अविनाश शुक्ला को शोले फिल्म के डायलॉग पसंद आए हैं.

संदीप को पसंद है- मौसी मेरा तो दिल ही कुछ ऐसा है.

जबकि अविनाश शुक्ला को ये डायलॉग अच्छा लगता है- तुम्हारा नाम क्या है बसंती.

इसके अलावा अग्निपथ, कुली और कई अन्य फिल्मों के डायलॉग पाठकों ने पसंद किए हैं.

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