बॉलीवुड की यादगार शादियाँ

सैफ-करीना
Image caption सैफ-करीना की सादगी से हुई शादी को ज़बरदस्त मीडिया कवरेज मिली.

इस सप्ताह अभिनेता सैफ अली ख़ान और करीना कपूर शादी के बंधन में बंध गए.

लंबे समय से मीडिया में इनकी शादी की अटकलें लगाई जा रही थीं. इसलिए जब शादी हुई तो इसे ज़बरदस्त मीडिया कवरेज मिली. हालांकि दोनों ने बड़ी सादगी से रजिस्टर्ड शादी की.

कुछ साल पहले सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के अभिनेता बेटे अभिषेक बच्चन और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन की शादी भी बड़ी चर्चित रही. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने तो इस शादी की लगभग लाइव कवरेज की.

शादी हुई भी बड़े धूमधाम अंदाज़ में और फिल्म, उद्योग और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियों ने इसमें शिरकत की.

लेकिन क्या हिंदी सिनेमा जगत की सभी शादियों में ऐसा ही माहौल रहा है. बदलते वक्त के साथ मीडिया में इन शादियों के कवरेज पर कितना फर्क पड़ा है.

आइए एक नज़र डालते हैं. बॉलीवुड की कुछ चर्चित शादियों पर.

राज कपूर की बेटी की शादी

हिंदी सिनेमा के शो मैन राज कपूर की बेटी ऋतु कपूर और उद्योगपति राजन नंदा की शादी, शायद किसी भी हिंदी सिने परिवार की अब तक की सबसे धूमधाम से की गई शादी होगी. इसकी बराबरी अब तक कोई नहीं कर पाया है.

शादी 1970 में हुई जब राज कपूर की फिल्म मेरा नाम जोकर की शूटिंग अपने अंतिम पड़ाव में थी.

शादी का समारोह सात दिनों तक चला था. और जैसे राज कपूर अपनी फिल्मों की प्लानिंग करते थे, वैसे ही उन्होंने इस शादी की प्लानिंग की थी.

मुंबई के चेंबूर इलाके में मुख्य रोड से उनके बंगले तक की सड़क खराब थी, तो राज जी ने सड़क तक का निर्माण करा दिया, ताकि बारात आने में कोई समस्या ना हो. कई केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल शादी में शामिल हुए.

गीतकार शैलेंद्र ने ऋतु की विदाई के लिए एक गीत लिखा, जिसे शंकर-जयकिशन ने संगीतबद्ध किया और मुकेश ने इसे गाया.

शादी में ज़बरदस्त आतिशबाज़ी की गई जिसे बाकायदा शूट भी किया गया. बाद में राज कपूर की ही फिल्म 'प्रेम रोग' में इस आतिशबाज़ी के दृश्य का इस्तेमाल किया गया था. खाने-पीने में शाकाहारी और मांसाहारी, हर तरह के पकवान थे.

लेकिन उस वक्त सिर्फ प्रिंट मीडिया ही था. और उसमें भी इस शादी का बस नाम-मात्र का ही ज़िक्र हुआ था.

अमिताभ-जया और राजेश खन्ना-डिंपल की शादी

Image caption साल 1973 में अमिताभ बच्चन और जया भादुरी की शादी बेहद सादे तरीके से हुई.

70 के दशक के दो सुपरस्टार्स राजेश खन्ना और अमिताभ की शादी साल 1973 में हुई.

राजेश खन्ना ने अपने से उम्र में काफी छोटी डिंपल कपाड़िया से शादी की तो अमिताभ बच्चन ने जया भादुरी से.

दोनों शादियों में अंतर ये था कि जहां राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की शादी बेहद धूमधाम से हुई वहीं अमिताभ बच्चन और जया भादुरी की शादी बेहद सादगी से करीबी दोस्तों के बीच हुई.

उस वक्त राजेश खन्ना सुपरस्टार थे और अमिताभ बच्चन सुपरस्टारडम की तरफ कदम बढ़ाना शुरू कर चुके थे.

अमिताभ-जया की शादी में राजीव गांधी और संजय गांधी भी शरीक हुए.

राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की शादी में डिंपल पक्ष की तरफ से मुख्य भूमिका राज कपूर ने निभाई, जिन्होंने अपनी फिल्म 'बॉबी' में उन्हें ब्रेक दिया था.

उस वक्त टीवी चैनल के नाम पर सिर्फ दूरदर्शन था, जिसमें कृषि दर्शन जैसे कार्यक्रम ही मुख्यतया आते थे.

फिल्मी शख्सियतों की शादी में दूरदर्शन की कोई दिलचस्पी नही थी. हां प्रिंट मीडिया ने ज़रूर इन शादियों को थोड़ी बहुत तवज्जो दी.

ऋषि कपूर- नीतू सिंह की शादी

ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी में एक सबसे महत्त्वपूर्ण बात ये हुई कि नरगिस दत्त अपने पूरे परिवार के साथ इस शादी में शरीक हुईं.

सब जानते हैं कि राज कपूर से अपने पूर्व रिश्ते की वजह से नरगिस और राज कपूर के परिवार, मुख्यतया उनकी पत्नी कृष्णा कपूर के बीच कुछ तनाव सा था. लेकिन इस शादी में ऋषि कपूर अपने मां-बाप से अनुमति लेकर खुद नरगिस दत्त को उनके घर पर निमंत्रण देने गए और शादी में नरगिस, अपने पति सुनील दत्त और बेटे संजय दत्त के साथ शरीक हुईं.

Image caption ऋषि कपूर ने अपनी शादी में नरगिस दत्त को भी बुलाया. 25 सालों के अंतराल के बाद नरगिस, राज कपूर के घर गईं.

25 सालों के अंतराल के बाद ये पहला मौका था जब नरगिस, राज जी के घर गईं.

नरगिस और राज कपूर की पत्नी कृष्णा कपूर के बीच बड़े ही दोस्ताना माहौल में बात हुई. आजकल का दौर होता तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए ये घटना बड़ी महत्त्वपूर्ण बन जाती और कई दिन तक इसी पर बात होती रहती.

लेकिन उस दौर में प्रिंट मीडिया ने इस शादी की खबर को भी सिर्फ आखिरी पन्ने पर ही जगह दी. उस वक्त पेज 3 जैसी कोई चीज़ ही नहीं होती थी.

इसके अलावा भी कुछ शादियां हुईं जो चर्चित रहीं. अभिनेता शम्मी कपूर और अभिनेत्री गीता बाली ने तो गुप चुप तरीके से मंदिर में शादी कर ली थी. यहां तक कि शम्मी के पिता पृथ्वीराज कपूर उस वक्त इंदौर में थे, उन्हें भी ये सूचना फोन पर दी गई थी.

जबकि उस वक्त तक दोनों (शम्मी और गीता बाली) बड़े सितारे बन चुके थे.

धर्मेंद्र और हेमा की शादी भी बड़े नाटकीय तरीके से हुई. लेकिन उस वक्त मीडिया की दिलचस्पी इन शादियों में ज़्यादा नहीं रहती थी.

उस वक्त की फिल्मी पत्रिकाएं भी फिल्मों और उनके व्यवसाय से जुड़ी खबरें छापती थीं. इन शादियों के बारे में बस नाम मात्र की ही कवरेज होती थी.

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