जब काका ने मुझे रिजेक्ट किया: पद्मिनी कोल्हापुरे

 शनिवार, 29 दिसंबर, 2012 को 13:29 IST तक के समाचार
राजेश खन्ना

उस ज़माने की ज़्यादातर लड़कियों की तरह मैं भी राजेश खन्ना की बहुत बड़ी प्रशंसक थी.

मेरी मां इंडियन एयरलाइंस में काम करती थीं. उस वक्त तो पूरे भारत में बस वही एक एयरलाइन हुआ करती थी, तो जब भी काका जी (राजेश खन्ना) कहीं शूटिंग के लिए जाते, तो मेरी मां मुझे फोन करके एयरपोर्ट बुला लेतीं. मैं उन्हें दूर से ही देख कर बहुत खुश हो जाया करती.

मुझे याद है मैं उनके मशहूर गीत 'जवानी ओ दीवानी तू ज़िंदाबाद' को सुनकर उनकी नकल किया करती थी. मुझे उनका गीत 'गुलाबी आंखे' भी खासा पसंद है.

मुझे याद है उनकी एक फिल्म थी चलता पुर्ज़ा. उसमें मुझे उनके साथ बतौर बाल कलाकार काम करने का मौका मिलने की संभावना थी.

ऑडिशन के लिए मेरे अलावा एक और लड़की थी और किसे चुना जाए इसकी ज़िम्मेदारी काका पर सौंप दी गई. उन्होंने मेरे बजाए उस दूसरी लड़की को चुन लिया. आप पूछो मत मेरे दिल पर क्या गुज़री. मेरा तो दिल ही टूट गया.

रोमांटिक दृश्य

"फिल्म सौतन में उनके साथ कुछ रोमांटिक दृश्य थे. मैं बड़ी नर्वस थी. लेकिन उन्होंने हमेशा मेरी बड़ी मदद की. लोग उनके बारे में तरह-तरह की बातें करते रहते थे कि वो सेट पर ऐसे रहते थे, फलां तरीके से पेश आते थे. लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा."

पद्मिनी कोल्हापुरी, अभिनेत्री

खैर, फिर मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला फिल्म 'थोड़ी सी बेवफाई' में. बतौर मुख्य हीरोइन नहीं बल्कि एक छोटा रोल था. मैं उस वक्त तक थोड़ी बड़ी हो चुकी थी.

बतौर मुख्य हीरोइन मुझे उनके साथ फिल्म 'सौतन' में काम करने का मौका मिला. हालांकि काकाजी का स्टारडम तब तक कम हो चुका था, लेकिन मैं तो खैर उनकी हमेशा से ही प्रशंसक थी.

मेरे उनके साथ कुछ रोमांटिक दृश्य थे. मैं बड़ी नर्वस थी. लेकिन उन्होंने हमेशा मेरी बड़ी मदद की. लोग उनके बारे में तरह-तरह की बातें करते रहते थे कि वो सेट पर ऐसे रहते थे, फलां तरीके से पेश आते थे. लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा.

लोगों ने उनकी अपार लोकप्रियता के बारे में सुना है. मैंने वो लोकप्रियता देखी है. लड़कियां उनकी कार से चिपट जाती थीं, उस पर चुंबनों की बौछार कर देती थीं. एक और खास बात ये रही कि भले ही वो 80 के दशक में उतने बड़े स्टार नहीं रहे थे, लेकिन उनका आकर्षण बरकरार रहा.

सेट पर वो किसी सुपरस्टार की तरह ही आते और लोग उनके आभामंडल से अछूते नहीं रह पाते. हम जब सौतन की शूटिंग के सिलसिले में मॉरीशस गए थे तो वहां के लोगों की उनके प्रति दीवानगी देखते ही बनती थी.

सच तो ये है कि राजेश खन्ना के प्रति उनके प्रशंसकों का प्यार कभी कम नहीं हो सकता. उनके प्रति हम सबका 'अमर प्रेम' है.

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