ब्रेक मिला क्योंकि मैं कपूर का बेटा था: रणबीर

  • 18 जनवरी 2013
रणबीर कपूर,अभिनेता
Image caption रणबीर कपूर ने बतौर सहायक निर्देशक फिल्मों में प्रवेश किया था.

अभिनेता रणबीर कपूर ने अपनी फिल्मों से साबित किया है कि वो सिर्फ एक स्टार-पुत्र नहीं एक अच्छे अभिनेता भी हैं लेकिन उनकी पहली फिल्म 'सांवरिया' के पीछे की कहानी कुछ और थी.

एक एक्टिंग स्कूल में अपने अनुभव बांटते हुए रणबीर ने कहा कि उन्हें फिल्म सावंरिया मिली क्योंकि वो किसी के बेटे थे और फिल्मी परिवारों के बच्चों को देखने के लिए जनता काफी इच्छुक होती है. हालांकि रणबीर ने ये भी साफ़ किया कि उन्हें फिल्म के लिए स्क्रीन टेस्ट भी देना पड़ा था.

सावंरिया से पहले रणबीर कपूर ने निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक में बतौर सहायक निर्देशक काम किया था.

सावंरिया के दौरान रणबीर को भंसाली से डांट भी खाने को मिली. रणवीर बताते हैं, "फिल्म के पहले शॉट में मुझे दरवाज़े को खोलना था. संजय मुझे सीन समझाने आए और मैं इतना उत्साहित था कि मैंने दरवाज़ा संजय के मुंह पर ही बंद कर दिया. फिर मुझे जो डांट पड़ी है कि तुम क्या अपने आपको दिलीप कुमार समझते हो जो दरवाज़ा बंद किया."

पढ़ाई में डिब्बा

फिल्मों में आने के अपने इरादे के बारे में रणबीर कहते हैं, "मैंने सुना था कि एक्टिंग करने के लिए पढ़ाई की ज़रुरत नहीं होती और मैं पढ़ाई में डब्बा था. मेरे पापा मुझे बिज़नेस स्कूल भेजना चाहते थे पर मैंने उनसे कहा कि मुझे फिल्म स्कूल जाना है."

बर्फी में एक मूक बधिर की भूमिका निभाने वाले रणबीर कपूर ने अपने पहले फिल्मी डायलॉग के बारे बताते हुए कहा, "कइयों की तरह मैं बचपन में अग्निपथ का वो 'आज मौत के साथ अपॉइन्टमेंट है' वाला डायलॉग बहुत बोलता था और रोते हुए खुद को शीशे में भी देखता था कि मैं कैसा लग रहा हूँ."

रणबीर के मुताबिक़, "मैं घमंडी सुनाई नहीं देना चाहता लेकिन एक एक्टर में आत्म-विश्वास होना बहुत ज़रुरी है. मैं खुद को स्टार नहीं समझता पर एक अभिनेता के तौर पर मैं इस विश्वास के साथ जीना चाहता हूं कि मैं दुनिया का सबसे बेहतरीन एक्टर हूं."

रणबीर की आने वाली फिल्म 'ये जवानी है दिवानी' और 'बेशर्म' है.

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