कितनी रफ्तार है 'रेस 2' में ?

 शुक्रवार, 25 जनवरी, 2013 को 17:42 IST तक के समाचार
रेस 2,हिंदी फिल्म

अब्बास-मस्तान की फिल्म रेस-2, 2008 में आई 'रेस' का सिक्वेल है.

सोनिया (बिपाशा बासु) का प्रेमी रणबीर सिंह (सैफ अली खान) है जो विक्रम थापर (राजेश खट्टर) को इस कदर ठगता है कि विक्रम इस्तानबुल में अपने पांच कैसीनो गवां बैठता है.

रणवीर का अगला टार्गेट है अरमान मलिक (जॉन अब्राहम) जिससे मुलाकात के लिए वो रॉबर्ट डी कोस्टा(अनिल कपूर) की मदद लेता है. रणवीर वादा करता है कि उसके और अरमान के बीच होने वाली फैल-सेफ स्कीम से रॉबर्ट को कमीशन देगा.

इस प्लान में रणबीर,अरमान की सौतेली बहन अलीना(दीपिका पादुकोण) को रिझाता है जो अरमान के मुनाफों में 50 प्रतिशत की पार्टनर है.जल्द ही रणबीर,अरमान की प्रेमिका ओमिषा (जैकलीन फर्नांडिस) से संपर्क करता है ये सोचकर की ओमिषा,सोनिया की बहन है.

वो ओमिषा से अरमान को तबाह करने का प्लान शेयर करता है.बाद में पता चलता है कि ओमिषा और अरमान ने मिलकर रणबीर के प्लान को जानने के लिए झूठ बोला कि ओमिषा,सोनिया की बहन है.

इस सबसे बेख़बर रणबीर इटली के संग्रहालय से बेशक़ीमती ट्यूरिन का कफ़न चुराने की तैयारी करता है ताकि वो उसे अरमान को बेच सके.अरमान इस मकसद से तैयार हो जाता है कि उसे कफ़न भी मिल जाए और अपने पैसे भी. इसके लिए अरमान,अंडरवर्ल्ड के डॉन गॉडफादर(आदित्य पंचोली) से संपर्क करता है.

क्या रणबीर वो बेशक़ीमती क़फन चुराने में कामयाब होता है?क्या अरमान रणबीर को पैसे देता है?क्या अरमान के हाथ लगेगा ट्यूरिन का कफन ?

ढीली कहानी

शिराज़ अहमद की कहानी और पटकथा पहली वाली रेस से इतनी प्रभावित होते हुए भी,पहले भाग की तरह चकित नहीं कर पाती.दर्शक को जल्द ही हर किरदार के पीछे का राज़ समझ आ जाता है.

रेस 2,हिंदी फिल्म

अब्बास मस्तान ने फिल्म में अभिनेत्रियों को बहुत सेक्सी दिखाया है

रेस 2

  • मज़बूत पक्ष:बड़ा कैनवास,सेक्सी हीरोइन,चमकदार सेट,बेमिसाल स्टंट,ब्रांड रेस,दो हिट गाने
  • कमज़ोर पक्ष:बुरी स्क्रिप्ट,ढीली पटकथा,थ्रिल जैसी कोई चीज़ नहीं
  • रेटिंग: *1/2

पटकथा इतनी ढीली है कि शुरुआत में ही मज़ा नहीं आता.सिर्फ यही नहीं ड्रामा को आगे बढ़ाने के लिए जो लिंक है उनका अंदाज़ा भी आसानी से लगाया जा सकता है.जैसे किस तरह रणबीर और अरमान एक दूसरे की जासूसी कर रहे हैं.

पटकथा कुछ ऐसे लिखी गई है कि ड्रामा लंबा और बोझिल लगने लगता है.दरअसल एक थ्रिलर में जो जोश होना चाहिए वो कई बेफक़ूफाना और अविश्विसनीय ट्विस्ट के कारण इस फिल्म में बिल्कुल नहीं है.

सबसे अजीब है जब अंत में रणबीर एक पैराशूट से लदी कार में दिखाई देते है.आरडी यानि अनिल कपूर के उनकी असिस्टेंट चेरी(अमीषा पटेल) के साथ के क्षण द्विअर्थी होने के बावजूद बमुश्किल हंसाने वाले बन पड़े हैं.

रेस 2,हिंदी फिल्म

सैफ अली खान ने रणबीर का किरदार अच्छे से निभाया है

खूबसूरत लोकेशन और हीरोइन

अच्छी बात है विदेशी लोकेशन पर फिल्म की शूटिंग.अलीना,ओमिषा और चेरी काफी सेक्सी लग रही है.पीछा करने वाले और एक्शन के सीक्वेंस काफी चौंकाने वाले हैं. किरण कोटरियाल के संवाद कुछ कुछ जगह अच्छे हैं पर एक समान नहीं है.

सैफ अली खान ने रणबीर के रोल के साथ न्याय किया है पर वो-सब-कुछ-जानते-हैं और कर-सकते-हैं वाला तत्व कुछ ज़्यादा ही हो गया. अरमान के रोल में जॉन कुछ जमे नहीं.बॉक्सिंग रिंग में उनकी लड़ाई काफी अपील करती है.

अनिल कपूर बगैर किसी चेष्टा के अभिनय करते हुए अच्छे लगते हैं. दीपिका ने अपना रोल काफी सच्चाई के साथ निभाया है.जैकलीन और अमिषा अच्छे दिख रहे हैं.

निर्देशन में जादू नहीं

अब्बास-मस्तान के निर्देशन में वो बात नज़र नहीं आई जो कि उनकी दूसरी फिल्मों में दिखाई देती है.फिल्म में ना तो रफ्तार है और ना ही वो आगे-क्या-होगा वाली बात.

इसमें कोई शक नहीं कि निर्देशक ने अपनी फिल्म को काफी चमकदार दिखाया और अभिनेत्रियों को काफी सेक्सी लेकिन ये कहानी का केवल एक हिस्सा ही है.ड्रामे की अविश्वसनीयता अब्बास मस्तान के रिपोर्ट कार्ड में लाल रंग से लिखी जाएगी.

प्रीतम का संगीत मिला जुला रहा.सलीम सुलेमान का बैकग्राउंड संगीत काफी कारगर साबित हुआ.पीटर हीन का एक्शन और स्टंट सीन काफी मज़बूत बने है.रवि यादव के कैमरा ने विदेशी लोकेशन को बहुत ख़ूबसूरती से दिखाया है

कुल मिलाकर रेस 2 उतनी मनोंरजक नहीं रही जितनी की होनी चाहिए थी. सबसे कमज़ोर बात ये रही कि फिल्म में ना थ्रिल है ना किसी तरह का झटका.फिल्म लंबी भी ख़ासी है. 90 करोड़ में बनी ये फिल्म नुकसान का सौदा है.

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.